बसपा को तो अपनों से खतरा, चंद्रशेखर आजाद बस कांग्रेस के लिए नुकसानदेह

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखा जाएगा.

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उत्तरप्रदेश में २०२२ में विधानसभा का चुनाव होने वाला है. ऐसे में यहाँ पर कई दल अपने जीत की बात करेंगे. अब लगभग सभी दल मैदान में उतर गए हैं. ऐसे में सपा के साथ ही बसपा भी मैदान में जुट गई है. आइये जानते हैं भीम आर्मी के चीफ चद्रशेखर आजाद ने अपनी पार्टी का एलान कर दिया है. और अब इसका क्या असर पड़ेगा यह समझना जरुरी है. भले लोग कह रहे हैं कि इसका असर मायावती पर पडेगा लेकिन ऐसा कुछ नही होने वाला है. मायावती और बसपा को सबसे ज्यादा नुकसान उनके ही पुराने लोग पहुंचा रहे हैं.

चद्रशेखर आजाद, भीम आर्मी चीफ

बसपा के दिग्गज नेता स्वामी प्रसाद मौर्या, नसीमुद्दीन सिद्दीक, बाबू लाल कुशवाहा अब बसपा से बाहर हैं लेकिन समय समय पर ये लोग बसपा पर हमला बोल देते हैं. अब बात कर लेते हैं रामवीर उपाध्याय की. जो बसपा से कई बार विधायक रहे. मंत्री भी रहे. इनकी पत्नी भी सांसद रही लेकिन बसपा से अब इनका भी मोह भंग हो चुका है.

मायावती, पूर्व मुख्यमंत्री , उत्तर प्रदेश

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने नोएडा के सेक्टर 70 में स्थित बसई गांव में अपनी नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान किया. उन्होंने संविधान की शपथ लेकर आजाद समाज पार्टी  (ASP) के गठन की घोषणा की. इस पार्टी का झंडा नीले रंग का है. यह सब करने से भीम आर्मी चीफ चन्द्रशेखर के साथ काग्रेस का वोटर्स जरुर जुड़ेगा. क्योंकि काग्रेस अभी भी यूपी से जमीनी स्तर से नदारत हो चुकी है. और इसका पूरा फायदा चन्द्रशेखर उठा पायेगा.

मायावती , पूर्व सीएम, उत्तर प्रदेश

यूपी में पहली बार ऐसा हो रहा है की बसपा राज्य विधान परिषद का चुनाव नहीं लड़ रही है. इसका सीधा असर उनकी पार्टी पर पड़ेगा. जो इनका कार्यकर्ता है वो भी इनके हाथ से निकल सकता है. और इसका पूरा फायदा सपा को मिल सकता है. और बसपा को राज्यसभा के चुनाव में ही बड़ा नुकसान हो रहा है. बसपा को पूरा नुकसान उनकी ही पार्टी के लोग दे रहे है. बाकी नये दल तो अपनी जमीन बना रहे हैं.


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