हमारा कर्म ही हमारी विजय है, जिंदगी तो इम्तेहान लेगी : डॉ आकाशदीप 

डॉ. आकाशदीप अरोड़ा ने कहा कि समाज का कोई भी अंग पूर्णता आत्मनिर्भर न होकर पारस्परिक रूप से निर्भर है।

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विश्व दिव्यांग दिवस पर एयू बैंक में आयोजित हुआ कार्यक्रम।
विश्व दिव्यांग दिवस पर एयू बैंक में आयोजित हुआ कार्यक्रम।

  • 3 दिसंबर को ‘विश्व विकलांगता दिवस पर युवाओं को आकाशदीप ने किया सम्बोधित
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर मिले तो शारीरिक अक्षमता कार्य की पूर्णता में बाधा नहीं बन सकती

जयपुर | पोल टॉक नेटवर्क

3 दिसंबर को ‘विश्व विकलांगता दिवस’ (International Day of Disabled Persons) पर युवाओं को संबोधित करते हुए इंदिरा गांधी पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास संस्थान जयपुर में उपनिदेशक के पद पर कार्यरत डॉ. आकाशदीप अरोड़ा ने कहा कि समाज का कोई भी अंग पूर्णता आत्मनिर्भर न होकर पारस्परिक रूप से निर्भर है। आगे बढ़ने के लिए सबको साथ लेकर चलना जरूरी है। वहीं इस दौरान कई सवाल भी पूछे गए और आकाशदीप अरोड़ा ने सभी के सवालों का जवाब दिया है।

बाधा बनना अक्षमता है

अक्षमता को परिभाषित करते हुए उन्होंने बताया कि शारीरिक या मानसिक किसी भी कमी का किसी भी काम की पूर्णता में बाधा बनना अक्षमता है, उन्होंने कहा कि, अक्षमता सिर्फ देखने के नजरिए पर निर्भर है। सभी सब कुछ नही कर सकते लेकिन कुछ न कुछ जरूर कर सकते है, अगर उचित साधन और इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध हो तो किसी भी तरह की शारीरिक अक्षमता कार्य की पूर्णता में बाधा नहीं बन सकती और सभी को समाज के विकास में सहयोग देने का अवसर मिल सकता है.

अगर हम हर दम परफेक्शन के पीछे…

ए यू इग्नाइट स्किल ट्रेनिंग सेंटर से प्रशिक्षणार्थियों द्वारा आए प्रश्न कि, असफलता से कैसे विचलित न हो और डर को कैसे जीते पर उन्होंने कहा कि डर लोग क्या कहेंगे इस सोच की वजह से आता है, अगर हम हर दम परफेक्शन के पीछे न भागकर खुद के गलतियां करने का मौका देंगे तो सीखेंगे और डर नही रहेगा।

आइटम्स की प्रदर्शनी लगायी

हमारा कर्म ही हमारी विजय है, जिंदगी तो इम्तेहान लेगी। गौरतलब है कि एयू इग्नाइट द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में आहान फाउंडेशन ने स्पेशल-एबल्ड बच्चों द्वारा बनाये गए आइटम्स की प्रदर्शनी लगायी, जिसमें उन्हें मार्केटिंग का अवसर मिला।


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