Amethi Lok Sabha: अमेठी में रहा हैं गाँधी परिवार का राज , 2019 में बीजेपी ने ढहाया था किला

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amethi lok sabha constituency

देश को आठ प्रधानमंत्री देने वाले राज्य की 80 लोकसभा सीटों में से अमेठी एक लोकसभा सीट है। अमेठी को नेहरू गाँधी परिवार का गढ़ कहा जाता है। अमेठी लोकसभा सीट का जबसे गठन हुआ तबसे लेकर 2014 तक कांग्रेस पार्टी का ही कब्ज़ा रहा। अमेठी सीट से राजीव गाँधी, संजय गाँधी, मेनका गांधी सोनिया गाँधी और राहुल गांधी भी चुनाव लड़ें हैं।

अमेठी की शिक्षा और आबादी 

3,063 वर्ग किलोमीटर में फैले अमेठी जिले की कुल जनसँख्या करीब 1,500,000 है। इसमें से 52% पुरुष और 48% महिलाऐं हैं। अमेठी की औसत साक्षरता दर लगभग 60% है। अमेठी में मुस्लिम बहुसंख्य हैं। चुनाव समिति की 2009 की रिपोर्ट के अनुसार अमेठी लोकसभा संसदीय क्षेत्र में कुल 1,431,787 मतदाता हैं, जिसमें से 679,304 महिलाएं और 752,483 पुरुष हैं। अमेठी लोकसभा सीट के अंतर्गत 5 विधान सभा क्षेत्र हैं। जिसमें तिलोई, सलोन- अनुसूचित जाति के लिए अरक्षित, जगदीशपुर- अनुसूचित जाति के लिए अरक्षित, गौरीगंज, अमेठी शामिल हैं।

अमेठी लोकसभा सीट का इतिहास 

अमेठी लोकसभा सीट का गठन 1966 में हुआ था। 1997 के चुनाव से लेकर 2019 के बीच अब तक अमेठी सीट पर 16 बार लोकसभा के चुनाव हुए हैं जिनमें से कांग्रेस पार्टी ने 14 बार जीत हासिल की है जबकि जनता पार्टी और भारतीय जनता पार्टी को जब्ती तक मात्र एक-एक बार जीत नसीब हुई है।

अमेठी लोकसभा सीट पर पहली बार 1967 में चुनाव हुए थे। पहले चुनाव में कांग्रेस पार्टी के विद्याधर वाजपेयी ने जीत हासिल की। विद्याधर वाजपेयी ने 1971 का चुनाव भी जीता। 1977 के चुनाव में जनता पार्टी की लहर थी और यहां से रविंद्र प्रताप सिंह ने बाजी मारी। 1980 के चुनाव में कांग्रेस से संजय गाँधी ने चुनाव जीतकर एक बार फिर से अमेठी सीट कांग्रेस की झोली में डाल दी। 1981 में हुए उप चुनाव में कांग्रेस पार्टी से मैदान में उतरे राजीव गाँधी ने कांग्रेस पार्टी को जीत दिलाई।

गाँधी परिवार हुआ आमने-सामने

1984 के चुनाव में गाँधी परिवार की बहू मेनका गाँधी कांग्रेस पार्टी के खिलाफ मैदान में उतर गयी थीं। 1984 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर से राजीव गांधी को चुनाव मैदान में उतारा वहीँ गाँधी परिवार से नाराजगी के चलते अलग हुई मेनका गाँधी ने राजीव के सामने चुनाव लड़ा। चुनाव नतीजों में मेनका गाँधी की बुरी तरह हार हुई।  राजीव गाँधी ने 1989 और 1991 चुनाव के चुनाव में भी राजीव गाँधी अमेठी से सांसद बने।

1991 का चुनाव भी राजीव गांधी यहां से जीते लेकिन उनकी हत्या के बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस के कैप्टन सतीश शर्मा ने जीत हासिल की। सतीश शर्मा ने 1996 के चुनाव में जीत हासिल की। 1998 के चुनाव में संजय शर्मा ने मैदान मारा। 1999 के चुनाव में गांधी परिवार की बहू सोनिया गाँधी अमेठी के चुनावी रण में उतरी और जीत दर्ज की।

राहुल बनाम स्मृति ईरानी 

2004 के चुनाव में अमेठी लोकसभा सीट से सोनिया गांधी के बीते राहुल गाँधी चुनावी मैदान में उतरे और जीत उनके गले लगी। बाहुल गाँधी ने 2004 और 2009 का चुनाव आसानी से जीत लिया। 2014 के लोकसभा के चुनाव के दौरान देश में मोदी लहर थी और अमेठी सीट राहुल को चुनौती देने उतरी थीं भारतीय जनता पार्टी की कद्द्वार नेता स्मृति ईरानी। राहुल गाँधी ने 2014 में मोदी लहर होने की बाद भी अमेठी से जीत हासिल की। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान एक बार फिर गाँधी परिवार के बेटे राहुल गाँधी और स्मृति ईरानी की भिड़ंत अमेठी में हुई लेकिन इस बार मैदान मारा भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार स्मृति ईरानी ने। स्मृति ईरानी 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से जीत कर कांग्रेस के लगातार चल रहे विजय रथ में रोड़ा लगा दिया।

अमेठी से अब तक के सांसद  

लोकसभावर्ष सेवर्ष तकनामपार्टी
चौथी19671971विद्या धर वाजपईभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
पांचवी19711977विद्या धर वाजपईभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
छठवीं19771980रविन्द्र प्रताप सिंहजनता पार्टी
सातवीं19801981संजय गाँधीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
उपचुनाव19811984राजीव गाँधीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
आठवीं19841989राजीव गाँधीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
नौवीं19891991राजीव गाँधीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
दसवीं1991राजीव गाँधीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
उपचुनाव19911996सतीश शर्माभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
ग्यारहवीं19961998सतीश शर्माभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
बारहवीं19981999डॉ संजय शर्माभारतीय जनता पार्टी
तेरहवीं19992004सोनिया गाँधीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
चौदहवीं20042009राहुल गाँधीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
पंद्रहवीं20092014राहुल गाँधीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
सोलहवीं20142019राहुल गाँधीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
सत्रवीं2019अब तकस्मृति ईरानीभारतीय जनता पार्टी

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