FULL STORY OF Baby Rani Maurya: पहले मेयर फिर राज्यपाल और अब कैबिनेट मंत्री

1995 में आगरा में मेयर सीट के लिए बीजेपी से चुनाव लड़ा और आगरा की पहली महिला मेयर चुनी गई।

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Baby Rani Maurya profile

  • यूपी के आगरा की निवासी हैं बेबी रानी मौर्य
  • भाजपा में कई पदों की निभा चुकीं हैं जिम्मेदारी

पोल टॉक नेटवर्क | लखनऊ

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (up vidhan sabha election 2022) चुनाव नतीजों के बाद जब योगी मंत्रिमंडल का गठन हुआ तो उस समय उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य (baby rani maurya) अचानक से चर्चा में आ गईं। दरअसल , बेबी रानी मौर्य को योगी 2.0 में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। आइये जानते हैं आखिर कौन हैं बेबी रानी मौर्य (baby rani maurya) और कैसी है उनकी राजनीतिक कहानी |

कौन हैं बेनी रानी मौर्य ?

बेबी रानी मौर्य (baby rani maurya) का जन्म 15 अगस्त 1956 को उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में हुआ था। बेबी रानी मौर्य का बचपन आगरा की एक बस्ती में बीता बेबी रानी मौर्य के पिता एक जूता फैक्ट्री के मालिक थे। गैर राजनीतिक बैकग्राउंड से आने वाली बेबी रानी मौर्य के पति पंजाब नेशनल बैंक के उच्च पद पर रह चुके हैं जबकि बेबी रानी मौर्य के ससुर एक आईपीएस अधिकारी थे। बेबी रानी मौर्य का बेटा अभिनव मौर्य इंजीनियर है जबकि बेटी अंजू मौर्य अमेरिका में रहती है।

बेबी रानी मौर्य का राजनीतिक सफर

बेबी रानी मौर्य शादी के 5 साल तक राजनीति में सक्रिय नहीं रही। हालांकि, 1995 में आगरा की मेयर सीट महिला के लिए रिजर्व हुई। उस समय बेबी रानी मौर्य ने अपने ससुराल के लोगों से बताया कि मुझे चुनाव लड़ना है और सभी लोग बेबी रानी मौर्य की इस बात से सहमत हो गए। 1995 के ही समय में बेबी रानी मौर्य की राजनीति में अपना पहला कदम रखा। बेबी रानी मौर्य के पिता कांग्रेसी थे लेकिन ससुर संघ में थे। बताया जाता है कि बेबी रानी ने राजनीति में आने से पहले ही सोच लिया था कि वह चुनाव लड़ेंगी तो भारतीय जनता पार्टी से ही लड़ेंगी। 1995 में आगरा में मेयर सीट के लिए बीजेपी से चुनाव लड़ा और आगरा की पहली महिला मेयर चुनी गई।

1997 में भेजी रानी मौर्य भाजपा के राष्ट्रीय अनुसूचित मोर्चा की कोषाध्यक्ष बनी। उस समय रामनाथ कोविंद अनुसूचित मोर्चा के अध्यक्ष थे। 2002 में बेबी रानी मौर्य राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रहीं। बेबी रानी मौर्य राज्य बाल आयोग की भी सदस्य रह चुकी हैं।

वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने 2007 में अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था। 2007 में एत्मादपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा हालांकि इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बेबी रानी मौर्य 2013 से 2015 तक भाजपा के प्रदेश मंत्री के पद पर रहीं। उन्हें कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं, जिसमें 1996 में सामाजिक कार्यों के लिए समाज रत्न, 1997 में उत्तर प्रदेश रत्न और 1998 नारी रत्न सम्मान शामिल है।

उत्तराखंड की राज्यपाल भी रहीं

बेबी रानी मौर्य 26 अगस्त साल 2018 को उत्तराखंड की राज्यपाल पद पर नियुक्त की गईं। बेबी रानी मौर्य ने 8 सितंबर 2021 को अपने राज्यपाल पद से इस्तीफा दिया था उसके बाद भाजपा में उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। 22 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से बेबी रानी मौर्य ने विधायक का चुनाव लड़ा और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बन गई। बता दें, 2022 के चुनाव में बेबी रानी मौर्य ने आगरा ग्रामीण से विधानसभा चुनाव लड़ा है।


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