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ख़ास इंटरव्यू : लाखों वोटों से ऐसे चुनाव जीत गये थे बाहुबली नेता अभय सिंह


यूपी में बाहुबली नेताओं की जब बात होती है तो कई नाम सामने आते हैं. उसमें से कई नाम ऐसे भी हैं जो मंत्री तो नहीं बने लेकिन हनक प्रदेश में बनी रहती है. ऐसे ही बाहुबलियों के नामों की लिस्ट में नाम शुमार है अभय सिंह का. अभय सिंह ने अयोध्या जिले की गोसाईंगंज विधान सभा सीट को वर्ष 2012 में जेल में रहते हुए सपा के टिकट पर रिकॉर्ड मतों से जीता था. अभय सिंह को इस चुनाव में कुल 1,222,35 वोट मिले थे. पहली बार विधान सभा पहुँच गये. हालांकि, वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव में इन्हें महज कुछ हजार वोटों से हार मिली थी. मगर इनका रूतबा और दबदबा वैसा ही है जैसा पहले हुआ करता था. पोल टॉक के एडिटर संतोष कुमार पाण्डेय ने इन्ही मुद्दों पर अभय सिंह का ख़ास इंटरव्यू किया है.

अभय सिंह, पूर्व विधायक, गोसाईगंज, फ़ैजाबाद
अभय सिंह, पूर्व विधायक, गोसाईगंज, फ़ैजाबाद

सवाल : पहला चुनाव आपने जेल में रहते हुए कैसे जीता था ? उस समय चुनाव का संचालन आप कैसे करते थे ?

अभय सिंह : देखिये, हम उस समय जेल में बंद थे. हमारे परिवार को परेशान किया जा रहा था. हमको फर्जी मुकदमें में फंसाया गया था. ये आम जनता जान रही थी. उस समय हमारे ऊपर पुलिस लगातार फर्जी मुकदमें दर्ज कर रही थी. हमारा पुस्तैनी घर भी सीज कर दिया गया था. यह सब गोसाईंगंज की जनता देख रही थी. हम लोग या हमारा पूरा परिवार लोगों के सुख और दुःख में हमेशा खडा रहता है. जब हम विधायक नहीं थे तब से. और जब मेरे साथ यह सब होने लगा तो जनता को लगा कि ये चीजें अभय सिंह के साथ गलत हो रही है. जनता ने इसे अपनी लड़ाई मान लिया. और हम उस चुनाव में बड़े वोटों के अंतर से जीत गये. उस दौरान हमारी लड़ाई आम जनता ने लड़ी थी. हम तो जेल में थे लेकिन  हमारा चुनाव मेरे पिता जी और पत्नी ने बखूबी से देखा था.

अभय सिंह, पूर्व विधायक, गोसाईगंज, फ़ैजाबाद
अभय सिंह, पूर्व विधायक, गोसाईगंज, फ़ैजाबाद

सवाल : पहला चुनाव आपने हजारों वोटों से जीता और दूसरी बार कुछ हजार वोटों से आप हार ? इतना बड़ा बदलाव कैसे हुआ ?

अभय सिंह : देखिये, हम लोगों से कोई चूक नहीं हुई. हम लोगों ने अच्छा काम किया था. मगर भाजपा ने यहाँ पर झूठ बोला. मक्कारी की है. अलग-अलग जातियों के चेहरे को यूपी का मुख्यमंत्री बनाने का यहाँ के लोगों को झांसा देकर चुनाव जीता गया. मतदाताओं को गुमराह किया है. हम ऐसा नहीं कर पाए.

अभय सिंह, पूर्व विधायक, गोसाईगंज, फ़ैजाबाद
अभय सिंह, पूर्व विधायक, गोसाईगंज, फ़ैजाबाद

सवाल : लॉकडाउन के दौरान आप गोसाईगंज के लोगों के लिए क्या कर पा रहे हैं?

अभय सिंह : देखिये, जैसे आज की ही बात है. एक गाँव में आग लगी है. तुरंत मैंने एक व्यक्ति को वहां बाइक से भेजा है. जितने घरों में आग लगी है. उन महिलाओं को साडी के साथ नगद पैसा भी भेजा है. लोगों को वहां पर खाने की सामग्री भी दिलाने की बात कही है. अभी पिछले दिनों आलापुर गाँव में आग लगी थी वहां पर 11 घर निषादों का था. सबके लिए व्यवस्था कराई गई. काजीपुर मांझा में भी आग लगने के बाद वहां व्यवस्था की गई. जो भी गोसाईगंज में हैं उन सभी जरुरतमंदों के लिए व्यवस्था कराई जा रही है.

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सवाल : छात्र राजनीति के समय लखनऊ विवि में आप की कहानी क्या है ? 

अभय सिंह : देखिये, मैं लखनऊ विवि के गोल्डन जुबली हॉस्टल में रहता था. मेरा कमरा 51 नम्बर था. उस समय बहुत तेज तर्रार छात्रों को ही गोल्डन जुबली हॉस्टल मिलता था. कुछ लोगों ने कहा कि आप ही लोग चुनाव लड़िये. तो हमने कहा कि हम अधिकारी बनने के लिए पढ़ रहे हैं. चुनाव के लिए नहीं. उस समय मेरे एक सीनियर थे सत्येन्द्र मिश्रा , जो मुझे तत्कालीन पीएम पीवी नरसिम्हा राव की एक किताब के बारे में बताते थे. बोले-देखो इसमें लिखा गया है. भारत जैसे विकासशील देश में गरीब और पिछड़ों की सेवा का माध्यम राजनीति सत्ता से है. यह बात हमेशा सत्येन्द्र रोज पिंच करते थे. और हम लोग तैयार हो गये. उस समय बाबा सरोज तिवारी थे जिन्होंने मुझे चुनाव लड़ने के लिए बात कही. तो हम लोग वहां से तैयारी शुरू कर दिए.

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अभय सिंह, पूर्व विधायक, गोसाईगंज, फ़ैजाबाद
अभय सिंह, पूर्व विधायक, गोसाईगंज, फ़ैजाबाद

सवाल : यूपी में एडीजे वाला जो मामला था वो क्या था ?

अभय सिंह : देखिये, वो सब फेक है. कुछ भी ऐसा नहीं था. मेरे एक दोस्त की बात थी. और उन दिनों यूपी के डीजीपी की पत्नी विधायक थीं. उनसे ही कुछ मामला हो गया था और यह बात होती है. वर्ष 2005 का मामला है. अगर कोई बात होती तो मेरे उपर एफआईआर दर्ज होती न. लेकिन ऐसा तो कुछ हुआ नहीं. तो इसलिए ये पूरी बात फर्जी है.

अभय सिंह, पूर्व विधायक, गोसाईगंज, फ़ैजाबाद
अभय सिंह, पूर्व विधायक, गोसाईगंज, फ़ैजाबाद

सवाल : फैजाबाद जिले का नाम अयोध्या कर देने से क्या असर पड़ेगा ?

अभय सिंह : मेरा जो घर है वो गाँव राजेपुर और पूरा बाज़ार जिला फैजाबाद में है. अभी कोई बदलाव नहीं दिख रहा है. और दो साल तक कुछ नहीं दिखने वाला है. खैर, मैं अभी राजनीति की बातें नहीं करूंगा. अभी सेवा करने का समय है. कोरोना और लॉकडाउन में लोगों के लिए मैं दिनभर काम कर रहा हूँ. जनता बहुत बुद्धिमान है. वो सबकुछ जानती है. कौन काम कर रहा है और कौन बस सपने दिखा रहा है.

सवाल : आप युवाओं में बहुत लोकप्रिय है, आप युवाओं को क्या संदेश देना चाहते हैं ?
अभय सिंह : मैं, युवाओं के लिए हमेशा खडा रहता हूँ. उन्हें यही सन्देश दूंगा कि जीवन में अच्छी शिक्षा बहुत जरुरी है. उन्हें हमेशा सकारात्मक रहने की बात कहूँगा. युवा देश के भविष्य है. हम उनके साथ हमेशा खड़े हैं.

अभय सिंह, पूर्व विधायक, गोसाईगंज, फ़ैजाबाद
अभय सिंह, पूर्व विधायक, गोसाईगंज, फ़ैजाबाद

सवाल : एक बात बताइए आप को बाहुबली नेताओं की लिस्ट में क्यों रखा जाता है ?

अभय सिंह : ये कौन कहता है ! मैं बाहुबली नही हूँ और न रहा हूँ. मुझे लोग सम्मान देते हैं. लोग मुझे प्यार देते हैं. मैं जनता का सेवक हूँ. मुझे लोगों के बीच में रहने में अच्छा लगता है. मेरी जो विशेष रूचि है वो ये है कि जरूरतमंद लोगों की सेवा करना. हाँ, यह जरुर है कि जब मेरे साथ लाखों की संख्या में जनता है तो उनका बल और साथ मुझे मिलता है तो मैं उनकी सेवा में लगा रहता हूँ. जो लोग मुझे बाहुबली कहते है मुझे यह शब्द पसंद नहीं है.

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सवाल : आप पर कोई न कोई आरोप लगते रहते हैं? ऐसा क्यों ?

अभय सिंह : मैं हमेशा लोगों के लिए खड़ा रहता हूं और लोगों की आवाज बनता रहता हूं. इसलिए कुछ सत्ताधारी और मेरे राजनीतिक दुश्मन हमेशा मुझे बदनाम करते रहते हैं. जो उन्ही के द्वारा समय-समय पर होता रहता है. लेकिन वो कभी सफल नहीं होंगे. वो अपनी करते रहे. मैं अपने रास्ते पर हूँ. मुझसे दुश्मनी करने के लिए मेरे बराबर होना पडेगा. जो ऐसा अभी नहीं है. कुछ लोग मेरे नाम का फायदा उठाना चाहते हैं. जो गलत है. मै केवल जनता का सेवक हूँ.

पोल टॉक का बहुत बहुत धन्यवाद.


POLL TALK DESKhttps://polltalk.in/
पोल टॉक और PollTalk.In के सम्पादक संतोष कुमार पांडेय देश के कई शहरों में पत्रकारिता कर चुके हैं। ये शहर जो कार्यस्थल बने वाराणसी , लखनऊ, आगरा, देहरादून, नोएडा, जयपुर, बिहार, हैदराबाद, पानीपत, सतना में रहे हैं। इन संस्थानों में दी सेवाएं राजस्थान पत्रिका , दैनिक भास्कर, एग्रो भास्कर, हिन्दुस्थान, जनसन्देश न्यूज़ चैनल, जनसन्देश टाइम्स, ईटीवी भारत में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किये. राजनीति की सही जानकारी और कुछ रोचक इन्टरव्यू दिखाना प्राथमिकता है।

4 COMMENTS

  1. फर्जी खबर ना लिखिए पत्रकार महोदय और माननीय श्री धनंजय सिंह लगाइए क्योंकि वह दो बार विधायक एक बार सांसद उनके पिताजी विधायक थे और यह समाजवादी पार्टी की लहर में एक्सीडेंट एमएलए हैं

  2. धनंजय सिंह किसी के पीछे चलने वाले इंसानो में से नहीं है!! नहीं किसी का वह व्यक्ति चाटुकारिता करते है जो है खुद अपने द्वारा अपने दम पर बनाया गया साम्राज्य है थोड़ा इतिहास भूगोल का ध्यान रखें आप

  3. abhya Singh 1992 mein Jaunpur jail mein Guddu Muslim aur Madan Singh Rajkeshar Singh ke bhanjey ke saath Maharajganj petrol pump loot kand mein, Abhay Singh jhooth bolta hai Guddu Muslim Allahabad baad se hi iska sathi tha aur hai Maharajganj (Jaunpur)

  4. Liko abhya Singh 1992 mein Jaunpur jail mein Guddu Muslim aur Madan Singh Rajkeshar Singh ke bhanjey ke saath Maharajganj petrol pump loot kand mein, Abhay Singh jhooth bolta hai Guddu Muslim Allahabad baad se hi iska sathi tha aur hai जौनपुर महाराजगंज इलाहाबाद में यह मोटरसाइकिल छिनौती में इनके ऊपर बेलन भी चल गया था और जो यह संतोष की हत्या की बात करते हैं सब जानते हैं कि संतोष सिंह की हत्या इन्होंने खुद कराई थी क्योंकि इनके बगल का था कहीं इनके खिलाफ इनकी क्षेत्र से उसी से चुनाव लड़ जाए इस वजह से उन्होंने संतोष की हत्या कराई थी जिसको गुड्डू मुस्लिम भी जानता है और गुड्डू इनका अच्छा मित्र है और गुड्डू मुस्लिम से इन्होंने ही सांसद धनंजय सिंह का नाम बुलवाया था और जो व्यक्ति मुख्तार अंसारी जैसे का पैर छूता है मुन्ना बजरंगी को अपना आका मानता है आप उसकी राहनुमाई लिख रहे हैं बिना जानकारी के कलम के सिपाही हैं सिपाही जैसा व्यवहार करिए ऐसा कुछ लिखने से भविष्य में आपको दिक्कत आ सकती है समाज द्वारा

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