हरलाखी विस : तीर चलेगा या लाल दुर्ग में बदल जायेगा हरलाखी ! बड़े रोचक दौर में पहुंचा चुनाव

नेपाल सीमा से सटा हुआ विस क्षेत्र है हरलाखी. हाल के दिनों में जब भारत–नेपाल के संबंध में तल्खी आयी थी, तो सीमा पर आवाजाही भी बंद हो गयी थी.

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  • बिहार में दूसरे चरण में 3 नवंबर को विधानसभा की 94 सीटों के लिए मतदान
  • लोजपा और जदयू के लिए है बड़ी चुनौती, हर दिन बदल रहा चुनाव का माहौल

पोलटॉक के लिए सच्चिदानंद सच्चू की ग्राउंड रिपोर्ट

नेपाल सीमा से सटा हुआ विस क्षेत्र है हरलाखी. हाल के दिनों में जब भारत–नेपाल के संबंध में तल्खी आयी थी, तो सीमा पर आवाजाही भी बंद हो गयी थी. सीमा पर आवाजाही बंद होने के कारण सीमावर्ती क्षेत्र का बाजार व्यापक रूप से प्रभावित हुआ था. यहां का बाजार नेपाल से आने वाले लोगों पर निर्भर करता है. इसका रोष अभी तक यहां के लोगों में दिख रहा है. हरलाखी के शिटिंग एमएलए हैं सुधांशु शेखर. वे जदयू के टिकट पर इस बार फिर चुनाव मैदान में हैं. जदयू के शासनकाल में जहां हर जगह सड़कों की हालत बेहतर हुई है, वहीं इस विस क्षेत्र की अधिकतर सड़कें अभी तक जर्जर हैं. हालांकि कुछ सड़कों की सेहत में सुधार जरूर हुआ है लेकिन ये सड़कें लोगों के आक्रोश को कम करने के लिए नाकाफी है. अलबत्ता इस चुनाव में इस आक्रोश का खामियाजा शिटिंग एमएलए सुधांशु शेखर को भुगतना पड़ सकता है.

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जदयू को शिकस्त देने के लिए एलजेपी के साथ रालोसपा ने भी कसी कमर

दूसरी ओर जदयू प्रत्याशी को शिकस्त देने के उद्देश्य से यहां एलजेपी की ओर से विकास मिश्र चुनाव मैदान में हैं. विकास मिश्र यहां की खिरहर पंचायत के मुखिया हैं. माना जा रहा है कि विकास मिश्र भी जदयू के वोट बैंक में ही सेंध लगायेंगे. दूसरी तरफ रालोसपा से डॉ. संतोष सिंह कुशवाहा हैं. संतोषजी कुशवाहा वोटों के सहारे नैया पर लगाना चाहते हैं. माना जा रहा है कि कुशवाहा वोट भी एनडीए के खाते में ही जाता है, लिहाजा इधर से भी शिटिंग एमएलए सुधांशु शेखर को नुकसान होता दिख रहा है.

मजबूत दिख रहा है रामनरेश पांडेय का जनाधार

दूसरी तरफ महागठबंधन की ओर से भाकपा के प्रत्याशी हैं रामनरेश पांडेय. वामपंथी होने के कारण उनके पास कैडर वोट भी है. दूसरी तरफ राजद और कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक का भी लाभ मिलता हुआ उन्हें दिख रहा है. रामनरेश पांडेय भूमिहार जाति से आते हैं और इस विधानसभा क्षेत्र में भूमिहार जाति की आबदी भी ठीक-ठाक है. आमतौर पर बिहार में भूमिहार जाति को एनडीए समर्थक माना जाता है लेकिन रामनरेश पांडेय की व्यक्तिगत छवि बेहतर रही है, लिहाजा कहा जा रहा है कि भूमिहार भी उनके पक्ष में मतदान करेंगे. कुल मिलाकर देखा जाये तो हरलाखी विधानसभा में रामनरेश पांडेय की स्थिति इन सबसे बेहतर है.


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