Home अंदर की बात BIHAR CHUNAV 2020 : बिहार के ये आठ जिले होंगे नई सरकार...

BIHAR CHUNAV 2020 : बिहार के ये आठ जिले होंगे नई सरकार के लिए ‘भाग्यविधाता’


  • कोरोना और लॉकडाउन से बदले हैं हालात, इस बार होगा पहली बार
  • बिहार के 8 जिलों में खूब लौटे हैं मजदूर, 30 लाख मजदूर हुए वापस

संतोष कुमार पाण्डेय | सम्पादक

बिहार विधानसभा चुनाव (BIHAR VIDHAN SABHA CHUANV 2020) में इस बार कई परिवर्तन होते दिख रहे हैं. आरजेडी (RJD) और जदयू ( JDU) दोनों के लिए मुश्किल होगा. वर्ष 2015 के विधान सभा चुनाव में राजद और जदयू एक साथ थे मगर इस बार अलग अलग रहेंगे. लेकिन इस बार बड़ी संख्या में जो मजदूर बाहर से लौटे हैं वो बड़ी परेशानी खड़ी करेंगे. चुनाव में ये मजदूर अपने पैदल चले हुए दर्द का पूरा हिसाब निकालना चाहेगे. ऐसे में इस बार यहाँ इन आठ जिलों से मामला पलट जायेगा. आइये जानते हैं पूरी कहानी.

राजस्थान में 3848 ग्राम पंचायतों के लिए 28 से मतदान, देखिये किन-किन जिलों में होगा चुनाव

ये आठ जिले जहाँ लाखों मजदूर लौटे हैं

बिहार में आठ जिले ऐसे हैं जहाँ पर लाखों मजदूर लौट के आये है. मोतिहारी, बेतिया, कटिहार, मधुबनी , गया, दरभंगा, अररिया और मुजफ्फ़रपुर में करीब हर जिले से एक लाख के उपर के मजदूर वापस आये हैं. जानकारी के अनुसार इसमें ज्यादातर महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, कर्नाटक और तमिलनाडू से आये हुए लोग हैं. 32 जिलों के 23.6 लाख मजदूर वापस आ चुके हैं. इनकी वजह से इस बार बदलाव हो सकता है.

क्या ये भोजपुरी स्टार बिहार चुनाव में लगा पाएंगे जीत का ‘तड़का’

बिहार के 38 जिलों में जो स्थिति है वह यह कि लगभग हर जिले में बाहर से एक लाख या 50 हजार लोग बाहर से आये हुए हैं. क्योंकि, ज्यादातर इसमें निचले तबके के मजदूर है. जो सरकारों से नाराज है. इस बार इनपर सभी दलों की नजर है. इन क्षेत्रों में राजद और जदयू की लड़ाई खूब है. मगर लोजपा यहाँ ताल ठोक रही है.

राजस्थान के ऐसे पांच मुख्यमंत्री जो ज़िंदा तो नहीं है मगर हमेशा चर्चाओं में ‘ज़िंदा’ रहते है

जानकारों की माने तो भाजपा और कांग्रेस शासित राज्यों में रहने वाले ज्यादातर मजदूर इन जिलों में लौटे है. जो इस बार पहली या दूसरी बार वोट भी देंगे. जो यहां पर बदलाव के कारण बन सकते हैं. राजद और जदयू दोनों इस बार जीत हार की लड़ाई लड़ रहे हैं.

जन्मदिन विशेष : राजनीतिक झंझावातों के बीच पहली बार कॉकपिट में खामोश बैठे ‘पायलट’


POLL TALK DESKhttps://polltalk.in/
पोल टॉक और PollTalk.In के सम्पादक संतोष कुमार पांडेय देश के कई शहरों में पत्रकारिता कर चुके हैं। ये शहर जो कार्यस्थल बने वाराणसी , लखनऊ, आगरा, देहरादून, नोएडा, जयपुर, बिहार, हैदराबाद, पानीपत, सतना में रहे हैं। इन संस्थानों में दी सेवाएं राजस्थान पत्रिका , दैनिक भास्कर, एग्रो भास्कर, हिन्दुस्थान, जनसन्देश न्यूज़ चैनल, जनसन्देश टाइम्स, ईटीवी भारत में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किये. राजनीति की सही जानकारी और कुछ रोचक इन्टरव्यू दिखाना प्राथमिकता है।

Leave a Reply

Must Read

मणिपाल में मीडिया और जनसंचार में बनाएं अपना करियर

पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में कई नई स्वर्णिम संभावनाएं पैनडैमिक के दौरान विश्वस्तर पर हेल्थ कम्युनिकेशन...

मीडिया सच दिखाए, मगर डराए नहीं : प्रो. भानावत

एमजेआरपी यूनिवर्सिटी की मानसिक स्वास्थ्य पर मीडिया का प्रभाव विषयक वेबिनार पोल टॉक नेटवर्क | जयपुर प्रोफेसर डॉ. संजीव भानावत ने कहा...

डिजिटल स्टैम्प से पकड़े जा रहे है अपराधी : प्रो त्रिवेणी सिंह

155260 पर ऑनलाइन फ्रॉड की तुरंत करें शिकायत अमित दुबे ने साइबर अपराध से बचने के बताएं...

YOUTH कांग्रेस कमेटी का विस्तार, आयुष भारद्वाज बने पहले संगठन महासचिव

युवा कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी का किया गया विस्तार राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी की अनुमति से हुआ...

“जन सहायता दिवस” के रूप में मनाया गया राहुल गाँधी का जन्मदिन

राजस्थान के सभी 33 जिलों में रक्तदान शिविर एवं राशन किट वितरण कार्यक्रम 1500 यूनिट रक्त एकत्रित...