बधिर दिव्यांगजनों को सूचनाएं देने और संवाद के लिए हेल्पलाइन बनाने की जरूरत

बधिर दिव्यांग जनों के लिए सुगम संवाद करने के लिए भारतीय सांकेतिक भाषा में प्रसारित किया जा रहा

2
1235
राकेश गंगवार
राकेश कुमार गंगवार सहायक आचार्य भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र नई दिल्ली

कोरोना वायरस (CORONA VIRUS) से बचने के लिए पूरा देश में लॉक डाउन है. ऐसे में समय समय पर सरकार द्वारा जनहित में जानकारी दी जा रही है. जो बधिर दिव्यांगों के लिए परेशानी होती. लेकिन इसके लिए कुछ सार्थक प्रयास हो रहे हैं. मोबाइल के द्वारा उन्हें वीडियो के माध्यम से समझाया जा रहा है. राजस्थान बधिर संघ के संयुक्त सचिव/सदस्य अनिल जैन ने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार नियमित रूप से लोगों को निर्देश, मार्गदर्शन व अन्य आवश्यक सूचनाएं जारी कर रही हैंl

कोरोना के लिए लॉकडाउन : प्रकृति ने दिया बड़ा संदेश, यह मानवहित में जरूरी

कोरोना वायरस संबंधित सूचनाओं को बधिर दिव्यांग जनों के लिए सुगम संवाद करने के लिए भारतीय सांकेतिक भाषा में प्रसारित किया जा रहा हैl जिसके लिए क्षेत्रीय मौखिक व सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ राकेश कुमार गंगवार सहायक आचार्य भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र नई दिल्ली मोबाइल नंबर 1987826 209 द्वारा स्वैच्छिक निस्वार्थ द्विभाषीय सेवाएं प्रदान कर रहे हैंl

शिवपाल और मुलायम सिंह पर अमर सिंह ने कर दिया बड़ा खुलासा

जिस पर मुसीबत में फंसे बधिर दिव्यांग वीडियो कॉल के माध्यम से अपनी समस्याओं व कठिन संवाद का हल पा रहे हैं साथ ही राजस्थान बधिर संघ द्वारा जरूरतमंद दिव्यांगजनों की आर्थिक व राशन सामग्री से सहायता की जा रही हैl दूसरी ओर राजस्थान सरकार से आग्रह किया जाएगा.

सेना ने कश्मीर घाटी में 9 आतंकवादियों को मारा, अब रात में देश के लिए 9 मिनट हमे दिखाना है

1. विभिन्न जिलों में द्विभाषीय की आने वाली कॉल को प्राथमिकता दी जाए l 2. राज्य सरकार की ओर से आवश्यक उपकरण व स्थान संघ को उपलब्ध करा कर नियमित हेल्पलाइन स्थापित की जाएl

बड़ी खबर : तबलीगियों ने आखिर क्यों चुनी ट्रेन, नहीं गए प्लेन से ?

ऐसे में बधिर दिव्यांगों को परेशानी का सामना नहीं करना होगा. बड़ी संख्या में राजस्थान में बधिर दिव्यांग है. जिन्हें हम इस परेशानी से बचा सकते हैं. यह एक कारगर उपाय है. इससे प्रदेश के बधिर दिव्यांग सभी जानकारियों को जान सकेंगे. पिछले कई दिनों से बधिर दिव्यांगों को परेशानी भी हो रही है. वो इस दौरान कहीं पर ये परेशानी बता भी नहीं पा रहे हैं. ग्रामीण जिलों में उनके लिए यह व्यवस्था कर दी जाये तो बेहतर रहेगा. इससे ये सभी बातें समझ सकेंगे.


2 COMMENTS

Leave a Reply