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दिल्ली के ऑटो ड्राइवर और मालिक सरकार की लापरवाही से परेशान हो रहे


  •  एक्ट 1988 की धारा 50 तथा केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 55 की खुलेआम अवहेलना  
  • ये बातें सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील डॉ. एपी सिंह ने कहीं 

पोल टॉक नेटवर्क | दिल्ली 

दिल्ली के ऑटो चलाने वाले ड्राइवर और मालिक दिल्ली परिवहन विभाग की लापरवाही के कारण बहुत सी समस्यायों से जूझ रहे हैं. विभाग मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 50 तथा केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 55 की खुलेआम अव्हेलना हो रही है, उक्त बातें सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील डॉ. एपी सिंह (ap singh advocate) ने ऑटो परिवार रजिस्टर्ड संस्था द्वारा दिल्ली के ऑटो  चालकों एवं मालिकों की तरफ से दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर याचिका में कहीं हैं.

डॉ. सिंह (ap singh advocate) ने कहा कि बिना ऑटो मालिकों के ऑटो का हस्तांतरण एचपी माउंटिंग, अनलोडिंग, पता का बदला जाना, डुप्लीकेट आरसी और एनओसी आदि काम बिना ऑटो मालिक के द्वारा ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी द्वारा बड़ी ही तेजी के साथ किया जाना मूल अधिकारों का पूरी तरह से हनन है, जबकि उपरोक्त बातों के उल्लंघन पर कड़े दंड का प्रावधान होना चाहिए ?  डॉक्टर एपी सिंह ने कहा कि क्या परमिट को खरीदा जा सकता है? यह सत्य नहीं है कि सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 82 परमिट को खरीदने से रोकती है, केवल सिंगल ऑनर और सिंगल व्हीकल का दिल्ली मोटर व्हीकल एक्ट 1993 तथा ऑटो रिक्शा पॉलिसी के तहत तथा मोटर व्हीकल एक्ट 1988 वह कल रूल वहीकल रूल 1989 के तहत आता है, तथा इस पर दिल्ली सरकार तथा ट्रांसपोर्ट विभाग ध्यान नहीं दे रहे हैं.

जब दिल्ली के ऑटो चालकों व मालिकों ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका प्रत्येक चुनाव के समय निभाई थी, परमिट की बिक्री का घोटाला दिल्ली में बहुत बड़े लेवल पर हो रहा है और इस बाबत दिल्ली की ऑटो परिवार (रजिस्टर्ड संस्था) कई बार मुख्यमंत्री जी व परिवहन मंत्री को मिलकर ज्ञापन दो चुकी है और मजबूर होकर संगठन को दिल्ली उच्च न्यायालय में केस डायरी नं. 373630/2021 के अंतर्गत फाइल करवाया है जिसकी संभावित सुनवाई कल दिनांक 20 अप्रैल 21 को हो सकती है!


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पोल टॉक और PollTalk.In के सम्पादक संतोष कुमार पांडेय देश के कई शहरों में पत्रकारिता कर चुके हैं। ये शहर जो कार्यस्थल बने वाराणसी , लखनऊ, आगरा, देहरादून, नोएडा, जयपुर, बिहार, हैदराबाद, पानीपत, सतना में रहे हैं। इन संस्थानों में दी सेवाएं राजस्थान पत्रिका , दैनिक भास्कर, एग्रो भास्कर, हिन्दुस्थान, जनसन्देश न्यूज़ चैनल, जनसन्देश टाइम्स, ईटीवी भारत में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किये. राजनीति की सही जानकारी और कुछ रोचक इन्टरव्यू दिखाना प्राथमिकता है।

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