यहां से शुरू हुई अखिलेश और डिंपल की प्रेम कहानी, उत्तर प्रदेश के इस कॉलेज में मिले थे दोनों

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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव काफी चर्चा का विषय बनी रहती हैं। उत्तर प्रदेश के युवा डिंपल को “डिंपल भाभी” कहकर संबोधित करते हैं। डिंपल यादव जितनी कुशल ग्रहणी हैं उतनी ही कुशल राजनेता भी हैं। इस लेख में हम मुलायम सिंह यादव की बहू डिंपल यादव के बारे में जानेंगे।

कौन हैं डिंपल यादव

डिंपल यादव का जन्म 15 जनवरी 1978 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हुआ था। हालांकि विकिपीडिया की माने तो डिंपल यादव  का जन्म 1978 में महाराष्ट्र के पुणे शहर में हुआ था। डिंपल यादव के पिता आरपी सिंह रावत भारतीय सेना में पूर्व कर्नल रहे हैं उनकी माता का नाम चंपा रावत है। डिंपल यादव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा उनके गृह नगर से ही कि उसके बाद होने लखनऊ यूनिवर्सिटी से वाणिज्य से स्नातक की डिग्री हासिल की।

डिंपल यादव और अखिलेश यादव की प्रेम कहानी

अखिलेश यादव डिंपल यादव की पहली मुलाकात कॉलेज के दिनों में हुई थी, तब डिंपल यादव लखनऊ यूनिवर्सिटी से बीकॉम की पढ़ाई कर रही थी और अखिलेश यादव ऑस्ट्रेलिया से एनवायरमेंट इंजीनियरिंग में मास्टर्स डिग्री लेकर वापस लौटे थे। अखिलेश यादव और डिंपल यादव की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी। धीरे धीरे दोनों में प्यार हो। अखिलेश यादव डिंपल यादव की शादी 24 नवंबर 1999 को हो गई । डिंपल यादव के दो बेटी और एक बेटा है। दोनों बेटियों के नाम अदिति यादव और टीना यादव हैं। वहीं बेटे का नाम अर्जुन यादव है।

डिंपल यादव का राजनीतिक सफर

वैसे तो डिंपल यादव को राजनीतिक विरासत उत्तर प्रदेश में यादव परिवार ( मुलायम सिंह यादव का परिवार)  की बहू होने के साथ ही मिल गई थी। डिंपल यादव ने अपना पहला चुनाव 2009 में फिरोजाबाद के लोकसभा से उपचुनाव लड़ा। इस उपचुनाव में डिंपल यादव को अभिनेता राज बब्बर से चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। 2012 में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद खाली हुई कन्नौज सीट पर डिंपल यादव ने लोकसभा का चुनाव लड़ा और उन्हे निर्विरोध जीत हासिल हुई।

2019 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में डिंपल यादव ने कन्नौज से चुनाव लड़ा लेकिन इस बार डिंपल यादव को भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सुब्रत पाठक से हार का सामना करना पड़ा था।

विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान भी समाजवादी पार्टी के लिए डिंपल यादव चुनावी रण में नजर आईं, लेकिन 2022 में उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा बल्कि पार्टी के लिए चुनाव प्रचार में पसीना जरूर बहाया था।


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