राजनीति में परिवारवाद की नई पौध ? Sanjay Nishad |

संजय निषाद (Sanjay Nishad) का परिवार देश के सभी सदनों में पहुँच गया है।

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Dr sanjay nishad
Dr sanjay nishad

संतोष कुमार पांडेय | लखनऊ

संजय निषाद (Sanjay Nishad) का परिवार देश के सभी सदनों में पहुँच गया है। बस बचा है राज्यसभा वो भी इस बार सम्भावित है कि पूरा हो जायेगा। इनके बड़े बेटे प्रवीण निषाद लोक सभा के सदस्य हैं। छोटे बेटे जल्द ही यूपी विधान सभा के सदस्य बने हैं। संजय निषाद खुद यूपी विधान परिषद के सदस्य और अब यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। क्या कहा जाय देश की राजनीति से कभी भी परिवारवाद नहीं खत्म होगा। चाहे लोग कितना ही दुहाई दे दें। छोटी पार्टियां परिवारवाद को अपनी ताकत मानती रही हैं और यूपी में ये परिवारवाद की नई पौध लग गई है। और इन दलों को राष्ट्रीय दल सींच रहे हैं।

प्रवीण निषाद संजय के बड़े बेटे हैं। जो इस समय भाजपा और निषाद पार्टी के टिकट पर संतकबीर नगर से लोक सभा के सदस्य हैं. प्रवीण निषाद गोरखपुर से लोकसभा का उपचुनाव भी जीत चुके है. वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रवीण निषाद को मैदान में दुबारा उतारा गया और वो विजयी हुए. उसके बाद से यूपी की सियासत में संजय निषाद का लगातार कद बढ़ता ही जा रहा है। उन्हें डिप्टी सीएम के ‘सपने’ आने लगे थे.

जब आदित्यनाथ योगी के कैबिनेट का विस्तार हुआ तो उन्हें उम्मीद थी कि कोई जिम्मेदारी उन्हें मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ. मगर चुनाव से पहले उन्हें यूपी विधान परिषद का सदस्य बना दिया गया. संजय निषाद कई बार चुनाव के दौरान अपनी ताकत का अंदाजा अपने सहयोगी दलों पर दिखाने का भी अहसास भी कराया लेकिन उसमें सफल नहीं रहे. इन्हे अब यूपी में कैबिनेट मंत्री बना दिया गया है।

संजय के छोटे बेटे श्रवण निषाद गोरखपुर जिले की चौरी चौरा विधान सभा सीट से चुनाव जीत गए है. और अब पिता और दोनों पुत्र परिवार की लताओं में लिपट गए हैं. जब यूपी में सपा और बसपा के साथ कई दल परिवार वाद से दूर जा रहे हैं तो ऐसे में निषाद पार्टी अब आगे निकल आ रही है.


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