महाराजा अग्रसेन में फैक्ट वेरिफिकेशन पर वर्कशॉप

महाराजा अग्रसेन इंस्टीटूट ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज (Maharaja Agrasen Institute of Management Studies)  के पत्रकारिता और जन संचार विभाग में (आईक्यूएसी और गूगल न्यूज़ इनिशिएटिव के तत्वावधान में) 'तथ्य सत्यापन' विषय पर निमिश कपूर द्वारा ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन हुआ. निमिष कपूर गूगल प्रशिक्षित ट्रेनर के साथ ही वरिष्ठ वैज्ञानिक व साइंस कम्युनिकेटर हैं.

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निमिश कपूर
निमिश कपूर

  • ‘तथ्य सत्यापन’ विषय पर निमिश कपूर द्वारा ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन हुआ

पोल टॉक नेटवर्क | दिल्ली

महाराजा अग्रसेन इंस्टीटूट ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज (Maharaja Agrasen Institute of Management Studies)  के पत्रकारिता और जन संचार विभाग में (आईक्यूएसी और गूगल न्यूज़ इनिशिएटिव के तत्वावधान में) ‘तथ्य सत्यापन’ विषय पर निमिश कपूर द्वारा ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन हुआ. निमिष कपूर गूगल प्रशिक्षित ट्रेनर के साथ ही वरिष्ठ वैज्ञानिक व साइंस कम्युनिकेटर हैं.

कार्यक्रम संयोजक डॉ उमेश चंद्र पाठक स्वागतउद्बोधन में कहा-कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को कोविड काल में हाल के शोध और मीडिया कवरेज पर ध्यान केंद्रित करते हुए तथ्य सत्यापन के महत्व के बारे में बेहतर समझ देना है “फर्जी समाचार” से निपटने के लिए अविश्वसनीय स्रोतों से आने वाली झूठी जानकारी और पत्रकारों और व्यापक मिडिया उद्योग का व मिडिया उत्पाद की समझ विकसित करना जरूरी है.

संस्थान के निदेशक प्रो. रवि कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में सूचना और भ्रामक जानकारी के बारे में जागरूक होने के लिए हर दिन एक घंटे की आवश्यकता पर प्रकाश डाला जो कि इन्फोडेमिक का कारण बनता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह छात्रों के लिए सीखने का अनुभव होगा। उन्होंने फैकल्टी इवेंट के संयोजकों के सभी प्रयासों की भी सराहना की।

तथ्य-जाँच पर मीडिया विशेषज्ञों के ज्ञान को बढ़ाने पर केंद्रित कार्यशाला, जो मीडिया सूचना साक्षरता का एक तत्व है और २१वीं सदी का एक आवश्यक कौशल है। कार्यशाला में एमआईएल और तथ्य-जांच अवधारणाओं, परिभाषाओं, एकीकृत दृष्टिकोणों, संसाधनों, उपकरणों और मीडिया के व्यावहारिक उदाहरणों को शामिल किया गया जो नकलीसूचना की पहचान करते हैं.

कार्यशाला के प्रतिभागियों ने गूगल और सरकार के माध्यम से तथ्यों को सत्यापित करने के तरीकों और उपकरणों का भी पता लगाया। प्रदान की गई साइटें छात्रों ने ऑनलाइन मौजूद कई एप्लीकेशंस का उपयोग करके तथ्यों को सत्यापित करने का व्यावहारिक प्रयोग भी किया.

कार्यशाला का संचालन आशना विग ने किया. कार्यशाला का समापन पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की प्रो. डॉ. विनीता गुप्ता के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ. कार्यक्रम के संयोजक –डॉ उमेश चंद्र पाठक,सह संयोजक-शिफाली आहूजा रहें ,छात्र समन्वयक-माधव ठुकराल, नमन,दीपाली चनाना ने अत्यंत कुशल तरीके से योगदान दिया.


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