‘बच्चों की परवरिश में पिता की भूमिका’ पर लगी प्रदर्शनी

छाया चित्रों में से प्रदर्शनी के लिए विशेष जूरी द्वारा 38 छाया चित्रों का चयन किया गया।

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जवाहर कला केंद्र में फोटो प्रदर्शनी में विजेताओं को दिया गया प्रमाण पत्र .
जवाहर कला केंद्र में फोटो प्रदर्शनी में विजेताओं को दिया गया प्रमाण पत्र .

  • जवाहर कला केंद्र में हुआ तीन दिवसीय कार्यक्रम
  • विशेष जूरी द्वारा 38 छाया चित्रों का चयन किया गया

पोल टॉक नेटवर्क | जयपुर

जवाहर कला केंद्र (jawahar kala kendra) के सुरेख ऑर्ट गैलरी (surekha art gallery) में ‘बच्चों की परवरिश में पिता की भूमिका’ (bacchon ki parvarish me pita ki bhumika) पर आधारित छायाचित्रों की तीन दिवसीय प्रदर्शनी का समापन हुआ। प्रदर्शनी अंतराष्ट्रीय फादर्स डे (fathers day) के अवसर पर ‘खाना- खेल- प्यार’ के विषय पर आयोजित की गई।

जवाहर कला केंद्र में लगी तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी
जवाहर कला केंद्र में लगी तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी

राजस्थान यूनिसेफ (rajasthan unicef) एवं लोक संवाद संस्थान (lok samvad sansthan) के तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी में देश के विभिन्न भागों से 200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। छाया चित्रों में से प्रदर्शनी के लिए विशेष जूरी द्वारा 38 छाया चित्रों का चयन किया गया।

जयपुर स्थित चयनित प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र यूनिसेफ के संप्रेषण विशेषज्ञ अंकुश सिंह, प्रदर्शनी क्यूरेटर डॉ. ताबिना अंजुम, फोटोग्राफर प्रो. हिमांशु व्यास, पुरुषोत्तम दिवाकर, महेश स्वामी, सचिव कल्याण सिंह कोठारी द्वारा प्रदान किए गए। प्रतिक्रिया देने वाले अनेकों दर्शकों में शामिल पूर्व आई ए एस अधिकारी राजेन्द्र भानावत दर्शक पुस्तिका में लिखा कि ‘तस्वीरें एक फ्रेम में इतना कुछ कह देती हैं जो हजार शब्दों में नहीं कहा जा सकता।’ इस प्रदर्शनी को लेकर जयपुरवासियों में बहुत उत्साह था और लगभग 1000 से भी अधिक दर्शकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।


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