कौन हैं मुख्तार अब्बास नकवी ? Who is Mukhtar Abbas Naqvi

अभी वो किसी भी सदन के सदस्य नहीं है. अब चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP ) इन्हे उपराष्ट्रपति पद ( Vice President Candidate) के लिए उम्मीदवार बनाने वाली है. तो आइये जानते है कि कौन है मुख्तार अब्बास नकवी ? क्या है इनका राजनीतिक इतिहास। किन पदों पर कर चुके हैं काम। बड़ी रोचक है इनकी कहानी।

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MUKHTAR ABBAS ANSARI
MUKHTAR ABBAS NAQAVI.

  • एनडीए बना सकती हैं उप राष्ट्र्पति का उम्मीदवार
  • कई बार केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे

संतोष कुमार पांडेय | नई दिल्ली

मुख्तार अब्बास नकवी ( MUKHTAR ABBAS NAQVI ) पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP ) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे हैं। लोकसभा और राज्य सभा दोनों सदनों के सदस्य रहे हैं। अभी वो किसी भी सदन के सदस्य नहीं है. अब चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP ) इन्हे उपराष्ट्रपति पद ( Vice President Candidate) के लिए उम्मीदवार बनाने वाली है. तो आइये जानते है कि कौन है मुख्तार अब्बास नकवी ? क्या है इनका राजनीतिक इतिहास। किन पदों पर कर चुके हैं काम। बड़ी रोचक है इनकी कहानी।

एक नजर में मुख्तार अब्बास

मुख्तार अब्बास नकवी का जन्म उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (प्रयागराज ) में 15 अक्टूबर 1957 को हुआ . इनके पिता का नाम अख्तरुल हसन नकवी (Akhtarul Hassan Naqvi ) है. इनकी शादी 1984 (Married in 1984 ) में सीमा नकवी (Seema Naqvi ) से हुई. इनको एक बेटा है. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से इन्होने स्नातक किया है। इनके पास वकालत की डिग्री भी हैं।

विधान सभा चुनाव में मिली हार

बीजेपी के टिकट पर मऊ जिले की सदर विधान सभा सीट से दो बार विधानसभा का चुनाव लड़ने पर उन्हें हार मिली। सन 1991 में वे मात्र 133 मतों से सीपीआई के इम्तियाज अहमद से चुनाव हार गये थे। उसके बाद सन 1993 के विधानसभा चुनावों में बसपा के नसीम ने लगभग 10,000 मतों से उन्हें चुनाव हरा दिया। दोनों चुनाव में अब्बास को हार मिली।

लोकसभा चुनाव में मिली जीत

उत्तर प्रदेश की रामपुर लोकसभा सीट से 1998 में पहली और आखिरी बार मुख्तार अब्बास नकवी को जीत मिली थी. उसके बाद से ये राज्यसभा के सदस्य बनते रहे. वे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री भी रहे. 2010 से 2016 तक यूपी से राज्यसभा सदस्य रहे. 2016 में वे झारखंड से राज्यसभा भेजे गए | उसके बाद 26 मई 2014 में मोदी सरकार में अल्पसंख्यक मामलों और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री बने | 12 जुलाई 2016 को नजमा हेपतुल्ला के इस्तीफे के बाद उन्हें अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार मिला। 30 मई 2019 को मोदी कैबिनेट में शामिल हुए और अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय बना रहा.

06 जुलाई 2022 को मुख्तार अब्बास नकवी ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उस समय उनके पास अल्पसंख्यक मामलों का विभाग था. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के बाद इस्तीफा दे दिया था. अब उन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए का प्रत्याशी बनाया जा सकता है.

 


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