Home अंदर की बात चूक.....तो नहीं होता गलवान कांड

चूक…..तो नहीं होता गलवान कांड


स्वतंत्र पत्रकार दीपक पाण्डेय की रिपोर्ट 

15 जून की रात लद्दाख में हुई गलवान कांड ऐसा दर्द दे गया जिसकी कभी भरपाई नहीं हो सकती। चीन के साथ इस झड़प में हमारे करीब 20 जवान शहीद हो गए। भारतीय शूरवीरों ने उसके दो गुने से ज्यादा जवानों को मौत के घाट उतार दिया। रक्षा मामलों के जानकारों के अनुसार इस तरह की गतिरोध को रोका भी जा सकता था। भारतीय सीमा में घुसपैठ करने वाले चीनी सैनिकों को पीछे धकलने के लिए सर्वप्रथम सेना को आई टी बी पी की मदद लेनी चाहिए थी लेकिन सरकारी तंत्र इसको रोकने में असफल रही।

राजस्थान में भी मध्यप्रदेश जैसे बनने लगे हैं सियासी हालात, हर तरफ है शांति ! कांग्रेस की दो सीटें हो गईं खाली

कॉनफैडरेसन आफ़ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन के महासचिव और सेवानिवृत व रक्षा क्षेत्र की जानकारी रखने वाले रणबीर सिंह ने कहा कि यह सबसे लंबे समय तक भारतीय सीमा में चीन के साथ चले झड़प को याद रखा जाएगा । उन्होंने कहा कि जब चीन लदाख में भारतीय सीमा में घुसपैठ किया तब सैन्य स्तर पर बातचीत हुई। निष्कर्ष निकला। मगर, चीनी सेना पीछे नहीं हटी।

हरलाखी विस : तीर चलेगा या लाल दुर्ग में बदल जायेगा हरलाखी ! बड़े रोचक दौर में पहुंचा चुनाव

जवाब में पोस्ट पर तैनात भारतीय सेना की टुकड़ी कब्जे वाले पोस्ट पर गए तो चीनी सैनिक उग्र हो गए। तब सेना की बिहार रेजीमेंट ने गजब का साहस दिखाया था। बिहार रेजीमेंट के सैनिकों ने अपने शौर्य का परिचय देते हुए चीनी सैनिकों को यह अहसास करा दिया दिया कि हम किसी भी स्थिति में पीछे हटने वाले नहीं हैं। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि झड़प के दौरान लगभग आधे भारतीय सैनिक शहीद हो गए लेकिन, उन्होंने अंतिम समय तक वीरता से लड़ाई लड़ी।

मधुबनी की चार सीटों पर 51 फीसदी मतदाताओं ने की वोटिंग, एनडीए और महागठबंधन के बीच नजर आया कड़ा मुकाबला

रणबीर सिंह ने कहा कि भारत और चीन की सबसे लंबी सीमा लगती है तो ऐसे में सरकार को चाहिए था कि चीन को पीछे धकेलने के लिए सेना से पहले आई टी बी पी की मदद लेनी चाहिए थी। उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा कि आईटीबीपी की स्थापना 1962 में इसी को रखते हुए किया गया है। यह ऐसी अर्धसैनिक है, जो तिब्बत सीमा पर रहकर चीन सेना के हाव – भाव, रहन- सहन, खान-पान व सारी गतिविधियों को पहचानती है। जरूरत पड़ने पर अपने अनुभव को इस्तेमाल कैसे करना है, जिसको यह बखूबी जानती है। जबकि इस मामले में सेना से थोड़ा अंतर है। ऐसे मामले में अगर आई टी बी पी की भी मदद ली जाती तो संभवत आज ऐसा दिन देखने को नहीं मिलता।

उनके मुताबिक सेना को रात के समय गश्त लगाने के लिए भारतीय क्षेत्र में चीनी तम्बू में नहीं भेजना चाहिए था। ऐसे में आई टी बी पी से सुझाव लेकर ही बढ़ना चाहिए था। क्यूंकि ऐसे समय इस समय का दुष्प्रयोग भी किया जा सकता है । आई टी बी पी ऐसे तत्वों को लेकर काफी गंभीर रहती है। इसीलिए भविष्य में ऐसी घटनाओं को लेकर ज्यादा गंभीर रहना होगा ताकि इस तरह की घटनाओं की दुबारा पुनरावृति न हो सके।

बता दें की भारत के लद्दाख में कब्जाए क्षेत्र से चीन अब भी पीछे हटने को तैयार नहीं हो रहा है। इसको लेकर उच्च स्तर के अधिकारियों के स्तर पर बातचीत चीन से जारी है। अभी तक समाधान नहीं हो काल पाया है।

गलवान घाटी लद्दाख़ और अक्साई चीन के बीच भारत-चीन सीमा के नज़दीक स्थित है। यहां पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) अक्साई चीन को भारत से अलग करती है। अक्साई चीन पर भारत और चीन दोनों अपना दावा करते हैं। ये घाटी चीन के दक्षिणी शिनजियांग और भारत के लद्दाख़ तक फैली है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार एसडी मुनि बताते हैं कि ये क्षेत्र भारत के लिए सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये पाकिस्तान, चीन के शिनजियांग और लद्दाख़ की सीमा के साथ लगा हुआ है। यहां से दुश्मन के गतिविधियों पर नजर रखकर अपनी सीमा को और सुरक्षित बनाया जा सकता है।


POLL TALK DESKhttps://polltalk.in/
पोल टॉक और PollTalk.In के सम्पादक संतोष कुमार पांडेय देश के कई शहरों में पत्रकारिता कर चुके हैं। ये शहर जो कार्यस्थल बने वाराणसी , लखनऊ, आगरा, देहरादून, नोएडा, जयपुर, बिहार, हैदराबाद, पानीपत, सतना में रहे हैं। इन संस्थानों में दी सेवाएं राजस्थान पत्रिका , दैनिक भास्कर, एग्रो भास्कर, हिन्दुस्थान, जनसन्देश न्यूज़ चैनल, जनसन्देश टाइम्स, ईटीवी भारत में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किये. राजनीति की सही जानकारी और कुछ रोचक इन्टरव्यू दिखाना प्राथमिकता है।

Leave a Reply

Must Read

कांग्रेस ने अनेकों घोटाले कर भारत के हित और साख को गिराया : डॉ. सतीश पूनियां

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भारत को आर्थिक उन्नति के साथ आत्मनिर्भर बना रहे, श्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व...

गरीबों को न्याय दिलाने सड़क पर उतरे पुष्पेंद्र भारद्वाज, मंत्री से की मुलाकात

न्यू सांगानेर रोड को 200 फीट चौड़ा नहीं करने के लिए दिया ज्ञापन न्यू सांगानेर रोड व्यापार...

मणिपाल में मीडिया और जनसंचार में बनाएं अपना करियर

पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में कई नई स्वर्णिम संभावनाएं पैनडैमिक के दौरान विश्वस्तर पर हेल्थ कम्युनिकेशन...

मीडिया सच दिखाए, मगर डराए नहीं : प्रो. भानावत

एमजेआरपी यूनिवर्सिटी की मानसिक स्वास्थ्य पर मीडिया का प्रभाव विषयक वेबिनार पोल टॉक नेटवर्क | जयपुर प्रोफेसर डॉ. संजीव भानावत ने कहा...

डिजिटल स्टैम्प से पकड़े जा रहे है अपराधी : प्रो त्रिवेणी सिंह

155260 पर ऑनलाइन फ्रॉड की तुरंत करें शिकायत अमित दुबे ने साइबर अपराध से बचने के बताएं...