Home जनसरोकार न्यू इंडिया नहीं नया भारत, स्मार्ट गांव और नया जीवन चाहिए !

न्यू इंडिया नहीं नया भारत, स्मार्ट गांव और नया जीवन चाहिए !


सम्पादक संतोष कुमार पाण्डेय की कलम से 

मैं जब दैनिक भास्कर में कृषि रिपोर्टर हुआ करता था तो उस समय एक बूंद से अधिक फसल का उत्पादन ‘ वन ड्रॉप मोर क्रॉप ‘ का एक नारा पीएम नरेन्द्र मोदी का चल रहा था। उस समय मुझे लगता था पीएम गांव और किसानों की तस्वीर सुंदर कर देंगे। उन दिनों हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और हरियाणा के किसानों के बीच खूब रहने का अवसर मिलता था। किसानों के मेलों में खूब जाने का अवसर रहा। तो किसान भी मोदी की कृषि की नीतियों को खूब सराहते दिखते थे। उन्हें भी उम्मीद थी सब कुछ बदल जॉयेगा। मैंने खूब स्टोरी की थी। मगर मोदी के कृषि मंत्री राधामोहन सिंह गंभीर नहीं हुए और सारी बातें नारों में रह गई।

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ख़ैर, पांच साल पहले की बात मैं लिख रहा हूं। इस बात को इसलिए लिखा हूँ कि कोरोना से विजय पाने के बाद भारत सरकार को ग्रामीण विकास पर जोर देना होगा। यही विकास ही भारत का असली विकास होगा। अब तो जब नरेंद्र पीएम हैं और नरेंद्र सिंह तोमर कृषि मंत्री भी हैं। तो दोनों नरेंद्र से इंडिया का असली भारत अपने विकास की उम्मीद में होगा। स्मार्ट सिटी मत बनाइये।

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इसकी जरूरत अब लोगों को लगती भी नहीं। क्योंकि, इटली, न्यूयार्क, न्यूजर्सी, फ्रांस, जर्मनी जैसे स्मार्ट देशों का हाल देख लिया है। भारत को नया इंडिया नहीं बल्कि नया भारत चाहिए। बहुत बड़ी आबादी शहरों में सांस नहीं ले पा रही है। बहुत बड़ी आबादी गांव में बस अपना जीवन आलस्य और फिजूल में बिता दे रही है। एक बड़ा क्षेत्रफल उपजाऊ था जो अब बंजर सा हो गया है। उन्हें बस उम्मीद है किसी भागीरथी पुरुष की। जो यहां गंगा रूपी विकास को लाकर पूरी धरा को हरा भरा बना दे।

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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह से स्वस्थ्य हो जाये। बाजारों में बहार आ जाये। खेतों में हरियाली छा जाए। किसान शहरों की तरफ न जाकर गांव में रुक जाए। उसके खेत उसके लिए धन देने लगे। समाज में कोई भेद भाव न हो। ऐसे भारत के निर्माण की जरूरत है। इसे किया जा सकता है। पीएम नरेंद्र मोदी से काफी उम्मीद है। शहरों को बस शहर रहने दीजिए और गांव को स्मार्ट बनाइये। वहीं असली भारत है। जहां जीवन सुंदर होगा ! क्योंकि पीएम से लोगों को उम्मीद बहुत है।

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पोल टॉक और PollTalk.In के सम्पादक संतोष कुमार पांडेय देश के कई शहरों में पत्रकारिता कर चुके हैं। ये शहर जो कार्यस्थल बने वाराणसी , लखनऊ, आगरा, देहरादून, नोएडा, जयपुर, बिहार, हैदराबाद, पानीपत, सतना में रहे हैं। इन संस्थानों में दी सेवाएं राजस्थान पत्रिका , दैनिक भास्कर, एग्रो भास्कर, हिन्दुस्थान, जनसन्देश न्यूज़ चैनल, जनसन्देश टाइम्स, ईटीवी भारत में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किये. राजनीति की सही जानकारी और कुछ रोचक इन्टरव्यू दिखाना प्राथमिकता है।

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