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IRRFAN Khan: चार दिन पहले ही माँ का निधन हुआ और अब इरफ़ान खान नहीं रहे…


लॉकडाउन का कहर कहे या कुछ और लेकिन इरफ़ान खान पर यह दुखों का पहाड़ ही टूटा था कि 25 को इनकी मां का निधन हुआ और अब 29 अप्रैल को इरफ़ान खान खुद नहीं रहे. फिल्म दुनिया के लिए यह दुखद घडी है. इनके निधन भारत का हर वो व्यक्ति सदमे में है जो भी फिल्म देखता और जानना है. मंगलावर को इरफ़ान खान अपने घर के बाथरूम में गिर गए थे और बुधवार को उनका निधन हो गया.बॉलीवुड एक्टर इरफान खान (IRRFAN KHAN) जो कि लंबे समय से कैंसर से जंग लड़ रहे थे. 54 साल की इनकी उम्र थी. जरा जानते हैं कि दो साल पहले इरफ़ान खान ने खुद क्या बताया था.

यह था इरफ़ान का ट्वीट

इरफान ने ट्वीट में लिखा था, ”अप्रत्याशित चीज़ें हमें आगे बढ़ाती हैं, मेरे पिछले कुछ दिन ऐसे ही रहें हैं, मुझे पता चला है कि एंडोक्राइन ट्यूमर है. इससे गुजरना काफी मुश्किल है. लेकिन मेरे आस पास लोगों का जो प्यार और साथ है उससे मुझे उम्मीद है. इसके लिए मुझे देश से बाहर जाना पड़ेगा. मैं सबसे गुजारिश करूंगा कि मुझे अपनी दुआओं में शामिल रखें, जैसी अफवाहें थीं मैं बताना चाहूंगा कि न्यूरो का मतलब हमेशा सिर्फ दिमाग से नहीं होता, आप गूगल के जरिए इसके बारे में रिसर्च कर सकते हैं.”

माँ को ऐसे थी दी अंतिम विदाई 

25 अप्रैल को ही इरफान खान की मां सईदा बेगम का निधन हुआ था. हालांकि कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन के चलते वो अपनी मां के अंतिम दर्शन तक नहीं कर सके थे. इरफान खान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी मां को अंतिम विदाई थी. इरफ़ान के निधन की सूचना से सभी दुखी है. लॉकडाउन के बाद इनकी फिल्म को लोग देखना चाहते थे. जो मात्र दो दिन ही चल सकी थी. कई फिल्म ऐसी है जो इनके शानदार किरदार के लिए याद की जायेगी. इरफ़ान का कोई जोड़ नहीं था.


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पोल टॉक और PollTalk.In के सम्पादक संतोष कुमार पांडेय देश के कई शहरों में पत्रकारिता कर चुके हैं। ये शहर जो कार्यस्थल बने वाराणसी , लखनऊ, आगरा, देहरादून, नोएडा, जयपुर, बिहार, हैदराबाद, पानीपत, सतना में रहे हैं। इन संस्थानों में दी सेवाएं राजस्थान पत्रिका , दैनिक भास्कर, एग्रो भास्कर, हिन्दुस्थान, जनसन्देश न्यूज़ चैनल, जनसन्देश टाइम्स, ईटीवी भारत में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किये. राजनीति की सही जानकारी और कुछ रोचक इन्टरव्यू दिखाना प्राथमिकता है।

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