कमलरानी ने पहली बार Ghatampur सीट पर खिलाया था कमल, सपा और बसपा की हमेशा रही लड़ाई

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कमल रानी विधायक घाटमपुर
कमल रानी विधायक घाटमपुर .

  • कमलरानी योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री थी, कोरोना से हुआ था निधन
  • 3 नवंबर को होना है उपचुनाव के लिए वोटिंग, 10 को आयेगा परिणाम

जीतेन्द्र कुमार वर्मा | कानपुर

उत्तर प्रदेश में खाली हुई 8 विधानसभा सीट में से 7 सीट पर उप चुनाव की तारीखों का एलान हो गया है और सभी दलों ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। प्रदेश में जिन सीटों पर उप चुनाव होना है उनमें से एक सीट कानपुर की घाटमपुर विधानसभा सीट भी है। सुरक्षित सीट घाटमपुर भाजपा विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री कमल रानी के निधन के बाद खाली हुई है। इस सीट पर आमतौर पर सपा और बसपा के बीच ही मुकाबला देखने को मिलता है लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में कमलरानी ने ही पहली बार इस सीट को जीत कर भाजपा की झोली में डाला था।

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बड़े अंतर से की थी जीत दर्ज

घाटमपुर सीट पर सपा और बसपा के बीच ही मुकाबला देखने को मिलता था लेकिन 2017 के चुनाव में भाजपा ने यहां कमलरानी को चुनाव मैदान में उतारा और उन्होंने बसपा प्रत्याशी सरोज कुरील को हराकर बड़ी जीत दर्ज की थी। भाजपा की कमल रानी को 48.52 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे जबकि बसपा जो 24.89 प्रतिशत वोट से ही संतोष करना पड़ा था। 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने गठबंधन किया था और ये सीट कांग्रेस के खाते में गई थी और कांग्रेस प्रत्याशी नंदराम सोनकर को 21.16 प्रतिशत मत मिले थे।

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सपा- बसपा के बीच ही रहा मुकाबला

इसके पहले की अगर बात करें तो यहां पर मुख्य मुकाबला समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच ही देखने को मिलता था। 2012 के चुनाव में सपा के इंद्रजीत कोरी और बसपा प्रत्याशी सरोज कुरील के बीच कड़ा मुकाबला हुआ था और सपा ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। 2007 के चुनाव में बसपा प्रत्याशी रामप्रकाश कुशवाह और सपा प्रत्याशी राकेश सचान के बीच मुकाबला हुआ था और बसपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी। 2002 में सपा प्रत्याशी राकेश सचान ने बसपा के राजाराम पाल को हराकर इस सीट पर कब्जा जमाया था।

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अब तक का परिणाम

1977 में रामआसरे अग्निहोत्री जनता पार्टी
1980 में शिवनाथ सिंह कांग्रेस
1985 में शिवनाथ सिंह कांग्रेस
1989 में राम आसरे अग्निहोत्री जनतादल
1991 में शिवनाथ सिंह कांग्रेस
1993 में राकेश सचान जनतादल
1996 में  राजाराम पाल बसपा
2002 में राकेश सचान सपा
2007 में रामप्रकाश कुशवाह बसपा
2012 में इंद्रजीत कोरी सपा
2017 में कमलरानी नें भाजपा से चुनाव जीता था .


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