दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ कैसे बने भोजपुरी के जुबली स्टार, राजनीति में ‘निरहुआ’ की ऐसे हुई एंट्री

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भोजपुरी सिनेमा जगत से निकलने वाला नाम दिनेश लाल यादव निरहुआ आज के समय में पुरे देश में किसी पहचान का मोहताज नहीं है। भोजपुरी के जुबली स्टार (Bhojpuri Jubli Star) कहे जाने वाले एक्टर (Bhojpuri Actor) दिनेश लाल यादव ने फ़िल्म जगत के साथ-साथ राजनीतिक जगत में भी हाथ आजमाया है। इस लेख में दिनेश लाल यादव निरहुआ के भोजपुरी फिल्मों में जमने से लेकर राजनीतिक सफर के बारे में जानेंगे।

दिनेश लाल यादव निरहुआ का जीवन परिचय 

दिनेश लाल यादव निरहुआ का जन्म उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के एक छोटे से गांव टंडवा में 2 फरवरी 1979 में हुआ था। निरहुआ का जन्म तो गाजीपुर में हुआ था लेकिन इनका बचपन कोलकाता के बेलघोरिया में बीता है। निरहुआ के पिता स्व. कुमार यादव कोलकाता में कम पैसों में घर चलाते थे। परिवार की आर्थिक तंगी के बीच ही निरहुआ ने अपनी पढ़ाई की। इसके बाद निरहुआ ने अपने चचेरे भाई बिरहा सम्राट विजय लाल यादव और प्यारे लाल यादव के साथ मिलकर भोजपुरी गीतों की दुनिया में कदम रखा।

2004 में निरहुआ का  ‘निरहुआ सटल रहे’ नाम से पहला म्यूजिक एल्बम रिलीज हुआ था। इसके बाद धीरे-धीरे निरहुआ भोजपुरी सिनेमा में टिकते गए। 2008 में निरहुआ ने ‘निरहुआ रिक्शावाला’ नाम से अपनी पहली भोजपुरी फ़िल्म की जिमें उन्होंने मुख्य किरदार की भूमिका निभाई थी। निरहुआ की पहली फ़िल्म ने ही भोजपुरी के बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था। इसके बाद दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने एक के बाद एक कई हिट फिल्में दी। दिनेश लाल यादव ने  पटना से पाकिस्तान, बम-बम बोल रहा है, काशी और बॉर्डर जैसी हिट फिल्में की। दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ 2012 में बिग बॉस के सीजन छह में भी हिस्सा ले चुके हैं।

दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ राजनीतिक सफर 

दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने भोजपुरी फिल्मों में नाम कमाने के साथ ही राजनीतिक दुनिया में भी अपना कदम रखा। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इसी समय भारतीय जनता पार्टी आजमगढ़ लोकसबाह सीट से सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने अपना प्रत्याशी खोज रही थी। दिनेश लाल यादव के बीजेपी में शामिल होने के बाद बीजेपी ने इन्हें अखिलेश यादव के सामने आजमगढ़ से चुनावी मैदान में उतार दिया। इस चुनाव में दिनेश लाल यादव को हार का सामना करना पड़ा।


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