Etawah Lok Sabha Seat: मुलायम सिंह यादव की कर्मस्थली कैसे खिल गया ‘कमल’, बड़ी रोचक है कहानी

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  • क्या रहा है सपा के गढ़ इटावा लोकसभा सीट का इतिहास ? 
  • इटावा सीट पर बीजेपी ने 3 बार और सपा ने 4 बार दर्ज की है जीत

पोलटॉक नेटवर्क | लखनऊ/ आदित्य कुमार 

उत्तर प्रदेश (UTTAR PRADESH ) की 80 लोकसभा सीटों में से इटावा लोकसभा सीट (Etawah Lok Sabha Seat History) यूपी की हॉट सीटों में से एक सीट मानी जाती है। राजनीति में इटावा की मुख्य पहचान समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव (MULAYM SINGH YADAV ) की कर्मस्थली के रूप में है। उत्तर प्रदेश की इटावा (Etawah LOKSABHA SEAT) लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी लेकिन साल 1967 में यह सीट परिसीमन के बाद सामान्य हो गई। इटावा का क्षेत्र सपा की राजनीति का केंद्र माना जाता है। सपा का गढ़ कहे जाने वाले इटावा में 2014 में भाजपा ने बाजी मारी थी। यही से भाजपा के उदय की शुरुआत हो जाती है. उसके बाद दुबारा इसी सीट पर भाजपा जीतती जा रही है। आईये जानते हैं क्या रहा है इटावा लोकसभा सीट का इतिहास ?

इटावा लोकसभा सीट पर मतदाता 

इटावा संसदीय सीट के अंतर्गत कुल पांच विधानसभा सीटें आती हैं, जिनके नाम हैं, इटावा, भरथना, दिबियापुर, औरैया और सिकन्दरा। यह यूपी की 41 लोकसभा सीट है। इटावा में कुल मतदाताओं की संख्या 17 लाख 39 हजार 462 है। जिसमें मतदाताओं में पुरुष मतदाताओं की संख्या 9 लाख 45 हजार 186, महिला मतदाताओं की संख्या 7 लाख 94 हजार 182 और ट्रांस जेंडर के कुल 94 मतदाता शामिल हैं। अनुसूचित जाति की आबादी इस सीट पर 26.79 फीसदी है जबकि अनुसूचित जनजाति की आबादी 0.02 फीसदी है। इसके अलावा इटावा संसदीय सीट पर ओबीसी समुदाय में यादव और शाक्य मतदाताओं के साथ-साथ राजपूत मतदाता काफी निर्णायक भूमिका में हैं। जबकि 7 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं।

इटावा लोकसभा सीट का इतिहास

इटावा लोकसभा सीट पर पहली बार 1957 में चुनाव हुए थे। 1957 में हुए पहले चुनाव में सोशलिस्ट पार्टी के अर्जुन सिंह भदौरिया यहां के पहले एमपी चुने गए थे। 1967 में यह सीट परिसीमन के बाद सामान्य हो गई और परिसीमन के बाद हुए चुनावों में अर्जुन सिंह भदौरिया दोबारा सांसद चुने गए। 1971 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी के शंकर तिवारी ने अर्जुन सिंह भदौरिया को हराकर जीत हासिल की। 1977 में अर्जुन सिंह राष्ट्रीय लोकदल के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इटावा लोकसभा सीट पर 1996 तक अलग-अलग दलों ने जीत दर्ज की। 1996 के बाद से इस सीट पर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने ही जीत हासिल की है। समाजवादी पार्टी ने 1996,1999,2004 और 2009 में जीत हासिल की है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने 1998, 2014 और 2019 के चुनावों में जीत हासिल की है।

इटावा लोकसभा सीट पर अब तक के सांसद
लोकसभावर्षपार्टीनाम
पहली1957सोशलिस्ट पार्टीअर्जुन सिंह भदौरिया
दूसरी1957भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेसरोहनलाल चतुर्वेदी
तीसरी1962भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेसजी.एन.दीक्षित
चौथी1967संयुक्त सोशलिस्ट पार्टीअर्जुन सिंह भदौरिया
पांचवीं1971भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेसश्री शंकर तिवारी
छठीं1977भारतीय लोकदलअर्जुन सिंह भदौरिया
सातवीं1980जनता पार्टी (सेक्युलर)राम सिंह शाक्य
आठवीं1984भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस(आई)रघुराज सिंह चौधरी
नौवीं1989जनता दलराम सिंह शाक्य
दसवीं1991बहुजन समजवादी पार्टीकांशीराम
ग्यारहवीं1996समाजवादी पार्टीराम सिंह शाक्य
बारहवीं1998भारतीय जनता पार्टीसुखदा मिश्रा
तेरहवीं1999समाजवादी पार्टीरघुराज सिंह शाक्य
चौदहवीं2004समाजवादी पार्टीरघुराज सिंह शाक्य
पंद्रहवीं2009समाजवादी पार्टीप्रेमदास कठेरिया
सोलहवीं2014भारतीय जनता पार्टीअशोक कुमार दोहरे
सत्रवीं2019भारतीय जनता पार्टीडॉ. राम शंकर कठेरिया

 


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