Gorakhpur Lok Sabha constituency: 1889 से चल रहा बीजेपी का विजय अभियान, गोरखपुर लोकसभा सीट का जातीय समीकरण

0
92
Gorakhpur Lok Sabha constituency history

गोरखपुर विश्व प्रसिद्ध गीता प्रेस, गुरु गोरखनाथ मंदिर, गीता वाटिका, टेराकोटा शिल्प के लिए मशहूर तो है ही, मुंशी प्रेमचंद की कर्मस्थली, फिराक गोरखपुरी, पं. रामप्रसाद बिस्मिल की शहादत स्थली है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संसदीय सीट रही गोरखपुर लोकसभा सीट यूपी की हॉट सीटों में से एक है। गोरखपुर लोकसभा सीट भारतीय जनता पार्टी का किला है। 1989 के बाद से यहां भारतीय जनता पार्टी का कब्ज़ा रहा है। वर्तमान में गोरखपुर लोकसभा सीट से बीजेपी के रवि किशन सांसद हैं।

गोरखपुर लोकसभा सीट का इतिहास 

गोरखपुर लोकसभा सीट पर अब तक हुए 16 लोकसभा चुनावों और एक उपचुनाव में बीजेपी ने सात बार, कांग्रेस ने छह बार, निर्दलीय ने दो बार, हिंदू महासभा ने एक बार और भारतीय लोकदल ने एक बार जीत हासिल की है। गोरखपुर लोकसभा सीट पर पहली बार 1952 में सामने आयी। 1952 में हुए पहले चुनाव में सिंहासन सिंह कांग्रेस के सांसद चुने गए। 1952 से लेकर 1962 तक हुए चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने ही जीत दर्ज की। 1967 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के विजय रथ पर गोरक्षपीठ के तत्कालीन महंत दिग्विजय नाथ ने रोक लगा दी। 1967 में महंत दिग्विजय नाथ ने निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की। दिग्विजय नाथ 42,000 से ज्यादा वोटों से चुनाव जीते थे।

1969 में दिग्विजय नाथ का निधन हो गया जिसके बाद 1970 में उपचुनाव हुआ. दिग्विजय नाथ के उत्तराधिकारी और गोरक्षपीठ के महंत ब्रह्मलीन अवैद्यनाथ ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और सांसद बने। इसके बाद 1971 में नरसिंह नारायण(कांग्रेस) और 1977 में हरिकेश बहादुर (भारतीय लोकदल) ने इस सीट पर कब्जा किया। 1980 के चुनाव में हरिकेश बहादुर एक बार फिर से चुनाव जीतकर दिल्ली पहुंचे किन्तु इस बार उन्होंने कांग्रेस(इंदिरा) से चुनाव लड़ा था। 1984 के चुनाव में भी कांग्रेस पार्टी  जीत हासिल की। 1984 में कांग्रेस से मदन पांडेय मैदान में थे।

1989 में गोरक्षपीट के महंत अवैध नाथ हिन्दू महासभा की टिकट पर जीतकर लोकसभा पहुंचे। इसके बाद 1991 और 1996 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से चुनाव लड़ने वाले महंत अवैधनाथ ने दिल्ली का रास्ता तय किया। 1998 के चुनाव में उत्तर प्रदेश के वर्तमान सीएम योगी आदित्यनाथ ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। योगी आदित्यनाथ भारतीय जनता पार्टी से लगातार 1998, 1999, 2004,2009 2014, का लोकसभा चुनाव जीता।

2017 में योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए जिससे गोरखपुर लोकसभा सीट खाली हो गयी। 2018 में  गोरखपुर लोकसभा सीट पर उप चुनाव कराया गया। 2018 के उप चुनाव समाजवादी पार्टी और निषाद पार्टी के गठबंधन उम्मीदवार प्रवीण निषाद ने जीत हासिल की। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान गोरखपुर लोकसभा सीट से  फिल्म इंडस्ट्री के सुपर स्टार रवि किशन ने बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। रवि किशन वर्तमान में गोरखपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं।

गोरखपुर लोकसभा सीट पर मतदाताओं की स्थिति

गोरखपुर लोकसभा सीट पर मतदाताओं की कुल संख्या 19,03,988 है जिसमें महिला मतदाताओं की संख्या 848,621 और पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,055,209 है। वहीं 2011 की जनगणना के अनुसार गोरखपुर की कुल आबादी 44,40,895 है जिनमें 22,77,777 पुरुष और 21,63,118 महिलायें है। गोरखपुर सीट पर जातीय आधार पर देखा जाए तो निषाद समाज की आबादी सबसे अधिक है। इस सीट पर निषाद मतदाताओं की संख्या लगभग 3.50 लाख है। वहीँ यादव और दलित वोटरों की संख्या भी 2-2 लाख है। गोरखपुर लोकसभा सीट पर ब्राह्मण वोटरों की संख्या लगभग डेढ़ लाख के करीब है।

गोरखपुर लोकसभा सीट अब तक के सांसद 

चुनावी वर्षसांसद का नामराजनीतिक दल
1952सिंहासन सिंहभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1957सिंहासन सिंहभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1962सिंहासन सिंहभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1967महन्त दिग्विजयनाथनिर्दलीय
1970महन्त अवैद्यनाथनिर्दलीय
1971नरसिंह नारायण पांडेयभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1977हरिकेश बहादुरभारतीय लोक दल
1980हरिकेश बहादुरभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1984मदन पांडेयभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1989महन्त अवैद्यनाथहिन्दू महासभा
1991महन्त अवैद्यनाथभारतीय जनता पार्टी
1996महन्त अवैद्यनाथभारतीय जनता पार्टी
1998योगी आदित्यनाथभारतीय जनता पार्टी
1999योगी आदित्यनाथभारतीय जनता पार्टी
2004योगी आदित्यनाथभारतीय जनता पार्टी
2009योगी आदित्यनाथभारतीय जनता पार्टी
2014योगी आदित्यनाथभारतीय जनता पार्टी
2018प्रवीण निषादसपा-निषाद पार्टी गठबंधन
2019रवि किशनभारतीय जनता पार्टी

 


Leave a Reply