मजदूरों काश तुम इंसान होते…बस बेबशी ही तुम्हारे हिस्से में आई, 8 दिन में 61 मजदूरों की मौत

काश मजदूर भी शायद इंसान होते। जिनका न तो सरकार हालचाल ले रही है और न ही देश के लोग, सब बस उसका फायदा उठा रहे हैं. और उसे मिल रही है तो बस बेबसी, भूख, पैरों में छाले और जब वह बच जा रहा है तो मौत मिल रही है. सिर्फ 8 दिन में 61 मजदूरों की मौत हो चुकी है. इसे देखकर शायद ही कोई जिसका गला रुँआसा हो जाय और दिल न रो पड़े. मगर जिन्हें रोना आना चाहिए उन्हें शायद यह महसूस नहीं हो रहा है.

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MAJDUR
घर को जाते मजदूर.

  • सिर्फ 8 दिन में 61 मजदूरों की मौत हो चुकी
  • मजदूरों की मौत पर दो दरोगा निलंबित, ट्रक जब्त और पीएम का संवेदना भरा ट्वीट आया

काश मजदूर भी शायद इंसान होते। जिनका न तो सरकार हालचाल ले रही है और न ही देश के लोग, सब बस उसका फायदा उठा रहे हैं. और उसे मिल रही है तो बस बेबसी, भूख, पैरों में छाले और जब वह बच जा रहा है तो मौत मिल रही है. सिर्फ 8 दिन में 61 मजदूरों की मौत हो चुकी है. इसे देखकर शायद ही कोई जिसका गला रुँआसा हो जाय और दिल न रो पड़े. मगर जिन्हें रोना आना चाहिए उन्हें शायद यह महसूस नहीं हो रहा है. मजदूरों की मौत पर न तो कोई रोने वाला है और न ही किसी को फर्क पड़ रहा. काश मजदूर भी इंसान होते तो लोग उनके लिए रोते। उनके मरने की खबर भी देश को रुला जाती। काश आज मन बहुत व्यथित होता। मजदूरों की मौत पर दो दारोगा निलंबित, ट्रक जब्त और पीएम का संवेदना भरा ट्वीट आया। और सब चुप। बेचारे थके हारे और ऊपर से ट्रॅक गिर गया। कैमरामैन वीडियो बना रहे, फोटो ग्राफर बढ़िया फोटो खींच रहे और कुछ लोग मीडिया में दुकान चला रहे हैं। सरकार मौन है क्योंकि कोरोना का कहर है ? तुम्हारे लिए भी अपने भारत अभियान चलता। अगर ट्रेन, प्लेन, और बैलगाड़ी से नहीं ला पाए तो इनके लिए खाने और पानी की व्यवस्था करते। मगर ये बात हमें सरकार से पूछना चाहिए…काश कोई संवेदनशील सरकार होती। तुम्हे मजदूर न समझकर इंसान समझती।

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एक दिन में ही 29 मजदूरों की मौत

16 मई को उत्तर प्रदेश के औरैया में हादसा हुआ और इसमें 24 मजदूरों की मौत हो गई. और बड़ी संख्या में घायल हो गए हैं. दूसरी घटना महाराष्ट्र तेलंगाना के बॉर्डर पर राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर हुई है. यहां लगभग 70 मजदूरों को लेकर आ रहा एक ट्रक रात के 3.30 बजे पलट गया. इस घटना में 20 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. तीसरी घटना 16 मई की दोपहर में मध्य प्रदेश के सागर में हादसा हुआ है. दलबतपुर में मजदूरों को लेकर जा रही एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस हादसे में 5 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि 20 मजदूर घायल हो गए हैं. प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया गया है.

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13 मई को 6 की मौत

बुधवार की रात को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर-सहारनपुर हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। पंजाब से पैदल बिहार अपने गांव जा रहे 6 मजदूरों को एक तेज रफ्तार बस ने रौंद दिया था। सभी मजदूरों की मौके पर मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, हादसा बुधवार रात 11:45 बजे हुआ था।

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13 मई को गुना में 8 की मौत

मजदूर ट्रक में सवार होकर महाराष्ट्र से यूपी की ओर लौट रहे थे। यह हादसा मध्य प्रदेश के गुना के पास तब हुआ जब जब ट्रक की बस से टक्कर हो गई। ये सभी 8 मृतक उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे और महाराष्ट्र से लौट रहे थे।

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औरंगाबाद में रेलवे पटरी पर 16 की मौत

8 मई को हादसा हुआ था. महाराष्ट्र के औरंगाबाद में पैदल घर जा रहे 16 मजदूरों की मौत हो गई थी. जानकारी के मुताबिक़ रेल की पटरियों पर मजदूर सो गए थे. तभी मालगाड़ी ने उन्हें कुचल दिया। औरंगाबाद ट्रेन हादसे में 16 मजदूरों की जानें गई थीं। ये सभी मध्य प्रदेश के रहने वाले थे.

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समस्तीपुर में 2 की मौत

बिहार के समस्तीपुर जिले के उजियारपुर में मुजफ्फरपुर से प्रवासियों को लेकर कटिहार जा रही बस की ट्रक से टक्कर हो गई। इस हादसे में दो बस यात्रियों की मौत हो गई और करीब 30 लोग घायल हो गए थे।

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