राजस्थान में भी भूमिगत मेट्रो ट्रेन की शुरुआत, 2013 में हुआ था शिलान्यास

प्रदेश की पहली भूमिगत मेट्रो ट्रेन का वीसी के माध्यम से बुधवार को ई-लोकार्पण किया गया और वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर मेट्रो रवाना की गई। जयपुर शहर के परकोटे में मेट्रो फेज वन-बी के तहत चांदपोल से बड़ी चौपड़ तक 2.12 किलोमीटर तक यह मेट्रो ट्रेन चलेगी।

0
902
ashok gehlot and jaipur metro
जयपुर में पहली भूमिगत मेट्रो ट्रेन को रवाना करते अशोक गहलोत.

  • मानसरोवर से बड़ी चौपड़ दोनों स्टेशनों पर कुल 18 एस्केलेटर एवं 6 लिफ्ट लगाई गई हैं
  • तत्कालीन पीएम डॉ. मनमोहन सिंह ने मेट्रो फेज वन-बी का किया था शिलान्यास

पोल टॉक नेटवर्क | जयपुर

प्रदेश की पहली भूमिगत मेट्रो ट्रेन का वीसी के माध्यम से बुधवार को ई-लोकार्पण किया गया और वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर मेट्रो रवाना की गई। जयपुर शहर के परकोटे में मेट्रो फेज वन-बी के तहत चांदपोल से बड़ी चौपड़ तक 2.12 किलोमीटर तक यह मेट्रो ट्रेन चलेगी। चांदपोल से बड़ी चौपड़ तक मेट्रो चलने से जयपुर आने वाले पर्यटकों को परकोटे के अन्दर आवागमन में आसानी होगी और यातायात पर दबाव भी कम होगा। 21 सितंबर 2013 को तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने मेट्रो फेज वन-बी का शिलान्यास किया था.

सीएम योगी आदित्यनाथ की इस घोषणा से खुश हुए गोरखपुर के सांसद रवि किशन

जयपुर में 2010 में मेट्रो का काम शुरू हो गया था। जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन एवं डीएमआरसी को जयपुर शहर के परकोटे का हैरिटेज लुक बनाए रखते इस भूमिगत रेल लाइन का काम पूरा करने के लिए बधाई दी। प्रदेश की पहली भूमिगत मेट्रो ट्रेन की ऑपरेटर शैफाली रही। सस्ती एवं आरामदायक यात्रा सुलभ होगी नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि जयपुर में जब मेट्रो की शुरूआत हुई तब किसी भी टू-टियर शहर में मेट्रो ट्रेन नहीं थी।

फिल्म इंडस्ट्री ही नहीं किसी भी इंडस्ट्री में महिलाओंं के साथ उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं : रवि किशन

अब 26 मिनट में 12 किमी की यात्रा

मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक 12 किमी की यात्रा अब 26 मिनट में पूरी हो जाएगी। महत्वपूर्ण कलाकृतियों को संरक्षित करने के लिए छोटी चौपड़ मेट्रो स्टेशन पर आर्ट गैलेरी भी बनाई गई है। भूमिगत लाइन में अत्याधुनिक टनल वेंटिलेशन सिस्टम लगाया गया है। बड़ी चौपड़ एवं छोटी चौपड़ स्टेशनों पर सभी खंदों से स्टेशन में प्रवेश के लिए द्वारा बनाए गए हैं। दोनों स्टेशनों को राजस्थान की वास्तुकला के अनुरूप भव्य एवं आकर्षक रूप दिया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए दोनों स्टेशनों पर कुल 18 एस्केलेटर एवं 6 लिफ्ट लगाई गई हैं। परियोजना की कुल लागत 1126 करोड़ रही।

यूपी के बसपा सांसद रितेश पाण्डेय की विदेशी दुल्हन की बड़ी रोचक है कहानी


Leave a Reply