Home जनसरोकार मीडिया सच दिखाए, मगर डराए नहीं : प्रो. भानावत

मीडिया सच दिखाए, मगर डराए नहीं : प्रो. भानावत


  • एमजेआरपी यूनिवर्सिटी की मानसिक स्वास्थ्य पर मीडिया का प्रभाव विषयक वेबिनार

पोल टॉक नेटवर्क | जयपुर

प्रोफेसर डॉ. संजीव भानावत ने कहा कि भागती-दौड़ती जिंदगी में अचानक लगे ब्रेक और कोरोना वायरस के डर ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाला है। मगर मीडिया ने सच दिखाते हुए समाज में सकारात्मकता फैलाने का काम किया है। राजस्थान विश्वविद्यालय, जनसंचार केन्द्र के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो संजीव भानावत महात्मा ज्योति राव फुले यूनिवर्सिटी जयपुर के मीडिया डिपार्टमेंट की ओर से कोरोना महामारी: मानसिक स्वास्थ्य पर मीडिया का प्रभाव विषयक नेशनल (mjrp-organized-jaipur-mental-health-media-webinar) वेबिनार को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि मीडिया सच दिखाए, मगर डराए नहीं। इस बीमारी से घबराने की नहीं बल्कि सावधानी बरतने की जरुरत है। मीडिया ने लाइव स्टोरीज कवरेज कर हमारे हैल्थ केयर सिस्टम की खामियां उजागर की और सुधार करने पर सरकारों को मजबूर कर दिया।कार्यक्रम के की-नोट स्पीकर प्रो. भानावत ने एमजेआरपी यूनिवर्सिटी की प्रशंसा करते हुए कहा कि विवि ने महिला शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है और कई नए कोर्स शुरू किए है। प्रो. भानावत ने ​कहा कि कोरोनाकाल में कंटेनमेंट जोन, क्वारइटिन, आइसोलेशन सेंटर, कोविड वॉर्ड, होम आइसोलेशन आदि शब्द मीडिया की शब्दावली में शामिल हो गए। मगर ऐसे शब्द मानसिक स्वास्थ्य को अस्थिर कर प्रभावित करते है।

विशिष्ट वक्ता आईआईएमसी जम्मू के रीजनल डायरेक्टर प्रो. राकेश गोस्वामी ने कहा कि मीडिया जनता को डराने की बजाय उनकी बिगड़ती मेंटल हैल्थ को बचाएं। अस्पतालों के बाहर लोगों की चीख़-पुकार, ऑक्सीजन की कमी, रोते परिजन और जलती लाशें की तस्वीरें जरूरी हो तो ही दिखाएं। उन्होंने कहा कि महामारी के दौर में मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना ज़रूरी है। मीडिया ने जनता को सूचना देने और शिक्षित करने का काम कोरोनाकाल में बखूबी किया है। उन्होंने कहा कि मीडिया ऐसी समाचार व ​तस्वीरों को प्रकाशन नहीं करें जिससे पैनिक फैले और लोगों का मानसिक स्वास्थ्य खराब हो।

प्रो. गोस्वामी ने कहा कि कोरोना महामारी ने दुनिया को कई सबक भी दिए। महामारी के कारण पैदा हुए भय ने हमारे मन-मस्तिष्क को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। लॉकडाउन के दौरान कुछ दिनों तक लोग अपने कमरे में बंद होकर सबकुछ ठीक होने का इंतजार करते रहे। बाजार, रोजगार, समाज सब पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। कार्यक्रम का संचालन एमजेएमसी की स्टूडेंट सलोनी नेहरू ने किया। अंत में मीडिया विद्वानों से विवि के स्टूडेंट्स ने मेंटल हैल्थ संबंधी सवाल जवाब किए। वेबिनार में मीडिया स्टूडेंट, शोधार्थी और फेकल्टी मैंबर्स ने हिस्सा लिया।


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पोल टॉक और PollTalk.In के सम्पादक संतोष कुमार पांडेय देश के कई शहरों में पत्रकारिता कर चुके हैं। ये शहर जो कार्यस्थल बने वाराणसी , लखनऊ, आगरा, देहरादून, नोएडा, जयपुर, बिहार, हैदराबाद, पानीपत, सतना में रहे हैं। इन संस्थानों में दी सेवाएं राजस्थान पत्रिका , दैनिक भास्कर, एग्रो भास्कर, हिन्दुस्थान, जनसन्देश न्यूज़ चैनल, जनसन्देश टाइम्स, ईटीवी भारत में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किये. राजनीति की सही जानकारी और कुछ रोचक इन्टरव्यू दिखाना प्राथमिकता है।

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