भय और तनाव का कारण बना फेक न्यूज़, ऑनलाइन राष्ट्रीय संगोष्ठी में वक्ताओं ने की चर्चा

जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग द्वारा सोशल मीडिया पर कोविड-19 संबंधी फेक न्यूज़, नई चुनौतियां एवं मानसिक स्वास्थ्य विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी वेबिनार का आयोजन किया गया. वक्ताओं ने कोविड-19 के संबंध में फेक न्यूज़, सोशल मीडिया की भूमिका और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की।

0
409
VBSPU
वीर बहादुर सिंह विश्वविद्यालय के वेवीनार की फोटो.

जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग द्वारा सोशल मीडिया पर कोविड-19 संबंधी फेक न्यूज़, नई चुनौतियां एवं मानसिक स्वास्थ्य विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी वेबिनार का आयोजन किया गया. वक्ताओं ने कोविड-19 के संबंध में फेक न्यूज़, सोशल मीडिया की भूमिका और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की।

एक्सक्लूसिव : रामायण के राम अरुण गोविल इसलिए नहीं बन पाए सांसद जबकि सीता, रावण और हनुमान बन गए थे सांसद

बतौर मुख्य वक्ता महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय बड़ौदा के प्रोफेसर संजीव देशपांडे ने कहा कि कोविड-19 से जुड़ी सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ ने लोगों के मन में भय और तनाव पैदा किया है। फेक न्यूज़ भावनात्मक असंतुलन का बड़ा कारण है। राजकीय महिला कालेज रायपुर की प्राचार्य प्रोफेसर उषा किरण खान ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संतुलन बनाए रखने के लिए फेक न्यूज़ से और सोशल मीडिया के अधिक प्रयोग से बचना चाहिए।

लॉकडाउन : जयपुर में प्रशासन ने 400 पैकेट राशन का वितरण नहीं करने दिया : BJP सांसद

बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा बिहार के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर एमडी रहमान ने कहा कि फेक न्यूज़ को फैलाने में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका है फेक न्यूज़ अनेक मनो रोगों के जन्म का कारण बना है। एमिटी विश्वविद्यालय नोएडा के पत्रकारिता विभाग की शिक्षिका डॉ. आशिमा सिंह ने फेक न्यूज़ है एवं सोशल मीडिया यूजर्स के मनोविज्ञान पर अपनी बात रखी। इसी क्रम में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, अनु त्यागी, शंभू प्रसाद,शिव कुमार ने भी बतौर वक्ता संगोष्ठी में अपने विचार रखे।

PALGHAR UPDATE : विहिप ने राष्ट्रपति से की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग

संगोष्ठी की संयोजक डॉ जान्हवी श्रीवास्तव ने विषय प्रवर्तन एवं संगोष्ठी के अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया। ऑनलाइन संगोष्ठी में देश के 09 विश्वविद्यालय 20 महाविद्यालय एवं अन्य संस्थानों से प्रतिभागी जुड़े। संगोष्ठी का संचालन सहसंयोजक कानपुर विश्वविद्यालय के शिक्षक अवनीश विश्वकर्मा ने किया।

लॉकडाउन एक्सक्लूसिव : राजस्थान का यह विधायक इस बार नहीं भर पाया अपने गाड़ी की क़िस्त, अपनी अंगूठी तक CM कोष में कर दिया दान


Leave a Reply