343 दिन पीएम रहने वाले विश्वनाथ का अभी भी बना है राजनीतिक ‘प्रताप’

विश्वनाथ प्रताप सिंह (Vishwanath Pratap Singh) का जन्म इलाहाबाद मे 25 जून,1931 में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा इलाहाबाद और पुणे विश्वविद्यालय से पूरी की थी !

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Vishwanath Pratap Singh
Vishwanath Pratap Singh

  • यूपी के सीएम और देश के पीएम रहे विश्वनाथ प्रताप सिंह 
  • 27 नवम्बर 2008 को 77 वर्ष में वीपी सिंह का निधन दिल्ली में हुआ

मीमांसा चतुर्वेदी । प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह (Vishwanath Pratap Singh) का जन्म इलाहाबाद मे 25 जून,1931 में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा इलाहाबाद और पुणे विश्वविद्यालय से पूरी की थी ! 343 दिन पीएम रहने वाले विश्वनाथ का राजनीतिक ‘प्रताप’ अभी भी बना है. बिना इनके नाम के यूपी में राजनीति की चर्चा अधूरी रह जाती है. वीपी सिंह का राजनीति में बचपन से ही दिलचस्पी की वजह से उन्होने सन् 1947-1948 में वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज मे छात्र संघ के अध्यक्ष बने एवं इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ के उपाध्यक्ष का चुनाव जीते। सन् 1957 में वी पी सिंह ने भू-दान आंदोलन में डटकर भाग भी लिया।

वी पी सिंह का राजनीतिक जीवन सन् 1967 से 1971 तक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के इलाहाबाद विश्विद्यालय के कार्यकारी निकाय एवं उत्तर प्रदेश के विधान सभा के सदस्य भी चुने गए। सन् 1971 से 1974 तक वी पी सिंह संसद लोकसभा के सदस्य नियुक्त हुए उसके बाद अक्टूबर 1974 से 1976 तक वाणिज्य संघ राज्य मंत्री चुने गए।

इसके बाद वीपी सिंह 3 जनवरी से 26 जुलाई तक लोक सभा सदस्य भी रहे। वीपी सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में सन् 9 जून 1980 तक रहे। 21 नवम्बर 1980 से लेकर 14 जून 1981 तक उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य के रहे।

वीपी सिंह 29 जनवरी, 1983 में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री बने आगे 15 फरवरी 1983 से आपूर्ति विभाग का अतिरिक्त प्रभार को भलीभांति संभाला है । सन् 1983 राज्यसभा सदस्य भी बने। उत्तर प्रदेश में सन् 1984 में यूपी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद भी बने।

वीपी सिंह (Vishwanath Pratap Singh) ने वो काम कर दिखाया जो किसी और ने करने की हिम्मत नहीं की। उन्होंने ओबीसी को आरक्षण पर मंडल कमीशन की रिपोर्ट को हुई लागू किया जो की सालो से बन्द थी जिसके फैसले से सोशल इकनॉमिक स्ट्रक्चर को हिला दिया। विश्वनाथ प्रताप सिंह भले ही छोटे कार्यकाल के लिए पीएम रहे हो लेकिन उनकी चर्चा लम्बी होती है.


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