कुछ ऐसा है भाजपा के केशव का राजनीतिक सफर !

केशव प्रसाद मौर्या (Political life of Keshav Prashad Maurya ) अपने माता-पिता के साथ कृषि कार्यों में सहायता किया करते थे और उनकी आर्थिक हालत ठीक नहीं थी.

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keshav prasad maurya
keshav prasad maurya

  • फूलपुर के लोकसभा क्षेत्र से सांसद बन कर रखा राजनीति में कदम
  • 308308 वोटो से फूलपुर में भाजपा प्रत्याशी के रूप में हासिल की ऐतिहासिक जीत।

पोल टॉक नेटवर्क । प्रयागराज

केशव प्रसाद मौर्या (Political life of Keshav Prashad Maurya ) अपने माता-पिता के साथ कृषि कार्यों में सहायता किया करते थे और उनकी आर्थिक हालत ठीक नहीं थी. जिसके लिए चाय बेचते और समाचार पत्रों का विक्रय भी किया करते थे। केशव प्रसाद मौर्या का जन्म 17 मई, 1969 में सिराथू के कौशांबी जिले में हुआ था।

केशव प्रसाद मौर्य का राजनीतिक सफर सन् 2002 में अपना पहला विधानसभा के चुनाव, बांदा विधानसभा क्षेत्र से किया जिसमें उन्हें 204 वोट हासिल किया था। इसके बाद सन् 2007 में उन्होंने दूसरी बार विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया जिसमें वे 11,111 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे.

सन् 2012 में केशव प्रसाद मौर्या ने सिराथू निर्वाचन क्षेत्र में एक सफल अभियान चलाया जहा वे विधायक के रूप में चुने गए। फूलपुर मे सन् 2014 में 16वी बार धर्मराज सिंह पटेल को 3,08,308 के ऐतिहासिक वोटों से हराकर लोकसभा के लिए निर्वाचित किए गए। यही से इनके राजनीतिक जीवन में तेजी से विस्तार हुआ. लगातार सफलता की सीढियां चढ़ते गये. फिर पीछे मुडकर नहीं देखा.

18 सितंबर 2017, में विधानसभा की तरफ से केशव प्रसाद मौर्या को उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य घोषित किया गया। सन् 2017 में उन्होंने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (yogi aditynath ) की सरकार में उप मुख्यमंत्री के पद पर नियुक्त किए गए।

एक बार इनका नाम सीएम की रेस में भी शामिल हो गया था. केशव प्रसाद मौर्या का श्री राम मंदिर भूमि और हिन्दुओं के हित के लिए,किए गए आंदोलनों की वजह से कई बार जेल भी जा चुके है। स्मार्ट सिटी इलाहाबाद के चरित्र चित्रण में भी केशव ने निभाई है अहम भूमिका। प्रदेश में सडकों के लिए लगातार काम भी कर रहे हैं.


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