KUNDA RAJA BHAIYA: कुंडा और बाबागंज सीट राजा भैया के विरोधियों के लिए क्यों बन गयी ‘अभेद किला’

मोदी और योगी लहर में भी नहीं जीत पाई भाजपा, जमानत भी हुई जब्त

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Raja-Bhaiya

  • कुंडा और बाबागंज विधानसभा सीट राजा भैया के विरोधियों के लिए बना ‘अभेद किला’
  • मोदी और योगी लहर में भी नहीं जीत पाई भाजपा, जमानत भी हुई जब्त

पोल टॉक नेटवर्क | लखनऊ

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (UP ELECTION 2022) के नतीजों के बाद यह तो साफ हो गया की रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की कुंडा (KUNDA) विधानसभा सीट पर कुंडी लगाना आसान नहीं है। रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने लगातार सातवीं बार प्रतापगढ़ की कुंडा सीट पर जीत हासिल की । राजा भैया की जीत से कुंडा में उनकी लोकप्रियता का पकड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है।

कुंडा विधानसभा सीट ही नही परिसीमन के बाद कुंडा से अलग हुई बाबागंज विधानसभा सीट पर राजा भैया का प्रभाव साफ साफ देखने को मिलता है। 2008 में परिसीमन के बाद इस सीट का गठन हुआ था. अब तक हुए दोनों चुनाव में राजा भैया के सहयोग से निर्दलीय उम्मीदवार ही जीता है। यूपी के राजनीतिक गलियारों में यह भी कहा जाता है कि कुंडा विधानसभा से ज्यादा राजा भैया बाबागंज विधानसभा सीट पर ध्यान देते हैं।

बाबागंज (BABAGANJ) विधानसभा सीट पर बीते चुनावों की बात की जाए तो लगातार यहां से राजा भैया के पसंदीदा उम्मीदवार चुनाव जीतते आए हैं। 2012 के चुनाव में राजा भैया के समर्थन से विनोद सोनकर निर्दलीय चुनाव लड़े और जीत हासिल की 2017 के चुनाव में लगातार दूसरी बार फिर से विनोद सोनकर ने जीत दर्ज की। वहीं विधानसभा चुनाव 2022 में राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के टिकट पर विनोद कुमार ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। बाबागंज विधानसभा सीट पर राजा भैया के समर्थक कहते हैं कि उनकी जीत का मंत्र यह है कि वह क्षेत्र का नियमित दौरा करते हैं। क्षेत्र के हर व्यक्ति से मिलते हैं और समस्या होने पर उसकी मदद करते हैं। इसी कारण से क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता है और लोग जात-पात से ऊपर उठकर उन्हें वोट देते हैं।

कुंडा बन गया अभेद किला

राजनीतिक पार्टियों को प्रतापगढ़ (Pratapgarh KUNDA) की कुंडा (KUNDA) विधानसभा सीट किसी अभेद किले जैसी नजर आती होगी। अभेद किले की वजह है रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया जो इस सीट से लगातार सातवीं बार विधायक बने हैं। राजा भैया ने 1993 में कुंडा सीट पर निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। 1993 से लेकर आज तक कुंडा विधानसभा सीट लगातार रघुराज प्रताप सिंह (RAGHURAJ PRATAP SINGH) के खाते में जाती रही है। राजा भैया ने कभी भी किसी पार्टी से चुनाव नहीं लड़ा। वह हमेशा निर्दलीय चुनाव लड़ते आए हैं। हालांकि, 2018 में राजा भैया जनसत्ता दल लोकतांत्रिक का गठन किया और 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा।


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