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राजस्थान में भी मध्यप्रदेश जैसे बनने लगे हैं सियासी हालात, हर तरफ है शांति ! कांग्रेस की दो सीटें हो गईं खाली

  • भीलवाड़ा के कांग्रेस विधायक कैलाश त्रिवेदी का अक्टूबर में हो चुका है निधन
  • चुरु के सुजानगढ़ से विधायक और कैबिनेट मंत्री मास्टर भंवर लाल का हुआ निधन

संतोष कुमार पाण्डेय | सम्पादक

मध्यप्रदेश जैसे सियासी हालात राजस्थान में फिर बनने लगे हैं. इसके आधार सामने हैं. कांग्रेस के दो विधायकों का निधन हो चुका है. और बड़ी संख्या में विधायकों के नारज होने की खबर है. बसपा से कांग्रेस में आने वाले विधायकों को भी अभी कोई पद नहीं मिला है. उनमें भी करवट लेने की बात हो रही है. मध्यप्रदेश में उपचुनाव में भाजपा को जीत मिली है जिससे अब उसका असर यहाँ भी दिखने लगा है. मास्टर भंवर लाल मेघवाल के निधन पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लिखा है कि लम्बी बीमारी के बाद आज हमारे साथी केबिनेट मंत्री मास्टर भंवर लाल मेघवाल जी के निधन की खबर सुनकर बहुत गहरा दुःख हुआ, उनके निधन पर मेरी गहरी संवेदनाएं।

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गहलोत ने आगे लिखा है कि वर्ष 1980 से स्व. मास्टर भंवर लाल मेघवाल और मेरा साथ रहा है। जनहित से जुड़े मुद्दों एवं दलित समाज के हित से जुड़ी समस्याओं को उन्होंने हमेशा प्रमुखता से उठाया। अपनी प्रतिभा एवं लगन से उन्होंने सार्वजनिक जीवन में विशिष्ट पहचान बनाई। प्रदेश में विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों के मंत्री के रूप में उनकी उल्लेखनीय सेवाओं को सदैव याद किया जाएगा। ईश्वर से दिवंगत की आत्मा की शांति तथा दुःख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना है।

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वहीँ राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष एवं चूरू विधायक राजेन्द्र राठौड़ ने राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ नेता मास्टर भंवरलाल मेघवाल के निधन पर गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि शेखावाटी सहित पूरे राजस्थान में विगत 3 दशक से ज्यादा समय तक सक्रिय रहे मास्टर भंवरलाल जी का निधन राजस्थान की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। राठौड़ ने कहा कि राजनीतिक क्षेत्र में मेरे साथी, सकारात्मक राजनीति के प्रतीक और एक कुशल राजनीतिज्ञ के रूप में उन्होंने प्रदेश की उत्कृष्ट सेवा की तथा राजस्थान सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर विशिष्ट पहचान बनाई।

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मेघवाल की छवि एक कुशल प्रशासक की मानी जाती है l वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पिछली सरकार में शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। वे वर्तमान में चुरु के सुजानगढ़ से विधायक थे। वे कांग्रेस में इंदिरा गांधी के वक्त से जुड़े थे। शेखावाटी और बीकानेर संभाग में दलित वोट बैंक में मास्टर भंवरलाल मेघवाल की खासी पकड़ थी। भीलवाड़ा की सहाड़ा सीट से कांग्रेस विधायक कैलाश त्रिवेदी का अक्टूबर में निधन हो चुका है. अब देखने वाली वाली बात है यह राजनीतिक शान्ति कब तक बनी रहेगी.

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