तीन ऐसे गैंगस्टर जिनके एन्काउंटर से हिल गई सरकार, श्रीप्रकाश शुक्ला, आंनदपाल के बाद राजू ठेहट की कहानी

पी के श्रीप्रकाश शुक्ला (shri prakash shukla mafia don) , राजस्थान के आनंदपाल (gangster anandpal singh) और गैंगस्टर राजू ठेहट (Gangster Raju Thehat) के गैंग ने कई राज्यों पर अपना पांव पसारा।

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श्रीप्रकाश शुक्ला, आंनदपाल के बाद राजू ठेहट.
श्रीप्रकाश शुक्ला, आंनदपाल के बाद राजू ठेहट.

  • उत्तर प्रदेश में श्रीप्रकाश शुक्ला ने सीएम को मारने के ली थी सुपारी , राजस्थान के आनंदपाल ने हिला दी थी सरकार
  • वहीं अब राजू की ह्त्या के बाद पुरानी कहानियां चर्चा में, क्या फिर शुरू हो रहे हैं गैंग

नई दिल्ली। पोल टॉक नेटवर्क

कभी देश के हर राज्य में कई गैंगस्टरों का राज हुआ करता था लेकिन धीरे-धीरे सरकारों ने इनके गैंग को खत्म किया। यूपी के श्रीप्रकाश शुक्ला (shri prakash shukla mafia don) , राजस्थान के आनंदपाल (gangster anandpal singh) और गैंगस्टर राजू ठेहट (Gangster Raju Thehat) के गैंग ने कई राज्यों पर अपना पांव पसारा। इनके हत्या और एन्काउंटर से सरकारें हिल गई. एक सियासी तूफान भी उठा और उसका असर सरकार पर दिखा भी। आइये समझते हैं इन तीनों के जरायम की कहानी।

Gangster Sri Prakash Shukla: 1990 में यूपी में बस एक ही माफिया का नाम हुआ करता था. जो खतरनाक और बेरहम डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला (shri prakash shukla mafia don) के नाम से जाना जाता था। जिसने तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ( cm kalyan singh ) के मारने की सुपारी भी ली थी। उसके अपराध का रेंज यूपी के बाहर भी था. उसके नाम का डर बिहार में भी था.उसके पेशे के बीच आने वाले किसी भी शख्स को मार डालने में उसने जरा भी देरी नहीं की। पुलिस के लिए चुनौती बना ये डॉन 25 साल की उम्र में ही बड़े-बड़े उद्योगपतियों, अपराधियों व पुलिस वालों के अंदर दहशत का माहौल पैदा कर दिया था। जब सियासत के लिए मुसीबत बना तो उसे भी मारा गया। इस खूंखार शुक्ला से पूरा देश परिचित था.

राजस्थान और मध्यप्रदेश में राजस्थान के गैंगस्टर आनंदपाल (gangster anandpal singh) का वर्षों तक दबदबा बना रहा। उसके नाम से खूब घटनायें की गई। गैंगस्टर आनंदपाल की कहानी कुछ ऐसी है. जिससे सियासी माहौल में बदलाव आ जाता था। जानकारी के अनुसार 17-18 की उम्र में आनंदपाल पढ़ाई में तेज था. वो टीचर बनना चाहता था लेकिन उसकी कहानी पूरी उल्ट गई थी। 1990 के दशक में बीए किया और अपराध की दुनिया में उतर गया. 24 जून 2017 की रात को स्पेशल ऑपरेशन चलाकर आनंदपाल का एनकांउटर कर दिया जाता है. कहा जाता है कि आनंदपाल का खौफ इतना था कि उसके शव को उठाने से भी पुलिस वाले डर रहे थे. आनंदपाल का शव लगातार 3 हफ्तों तक डीप फ्रीज़र में रखा गया. 12 जुलाई को 2 लाख लोग आनंदपाल के एनकाउंटर के विरोध में हुई एक सभा में जमा हुए जिसे देखकर प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए. इसके बाद आनंदपाल का अंतिम संस्कार करने के लिए राजस्थान सरकार ने जी जान लगा दी.

गैंगस्टर राजू ठेहट (Gangster Raju Thehat) ने भी राजस्थान में अपना खूब सिक्का चलाया। 03 दिसम्बर को उसके घर के सामने ही उसे गोली मारी गई। और वह मर गया। इस घटना ने सरकार के होश पख्ता कर दिया है। सरकार पर जोरदार दबाव है। राजू ठेहट और गैंगस्टर आनंदपाल में दुश्मनी खूब बढ़ गई थी. दोनों एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए थे। दोनों ने एक दूसरे पर हमला भी बोला लेकिन दोनों बच गए। राजू पिछले दिनों ही जेल से छूटा था.

 

 

 


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