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कोरोना असर : राजस्थान के गुलाबी पर्यटन में अपने लाएँगे ‘बहार’, सरकार कर रही बड़ी तैयारी


  • पर्यटन को पूरी तरह से सोशल मीडिया पर प्रचारित और एक्टिव किया जा रहा 
  • लोक कलाकारों की सहायता के लिए ऑनलाइन प्रतियोगिताएं की जा रही 

राजस्थान में पर्यटन बड़े स्तर पर लोगों को रोजगार देता है. सरकार की आय का प्रमुख स्रोत भी है। लॉकडाउन (lockdown) के चलते प्रदेश के पर्यटन पर बड़ा असर पड़ा है. अब प्रदेश में पर्यटन में जान फूंकने के लिए सरकार को बड़ी मेहनत करनी होगी. एक बड़े बजट का निवेश करना होगा. जिससे यहाँ का पर्यटन पटरी पर आ सके. अब जब सोशल डिस्टेंसिंग की बात है तो सरकार भी इसे लेकर चौकन्नी है. सरकार इसके लिए बड़ी तैयारी कर रही है. अब  सरकार ने नया रास्ता निकाल लिया है. पर्यटन को पूरी तरह से सोशल मीडिया पर प्रचारित और एक्टिव किया जा रहा है. जिसके तहत पर्यटन विभाग कई सारे इवेंट भी ऑनलाइन अरेंज करा रहा है. इनका मकसद है लोग राजस्थान के पर्यटन को भूल न जाये और पधारते रहे राजस्थान. पढ़िए पोलटॉक में इंटर्नशिप कर रही स्वस्ति कुलश्रेष्ठ की ये स्पेशल रिपोर्ट !

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सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर हो रहे हैं कार्यक्रम .

सोशल मीडिया बना बड़ा माध्यम 

ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम के ज़रिये राजस्थान का टूरिज्म डिपार्टमेंट पर्यटन स्थलों को बढ़ावा दे रहा है. वर्चुअल वॉक जैसे इवेंट्स ऑनलाइन करवा रहा हैै। भरतपुर के सहायक पर्यटन अधिकारी विशाल माथुर बताते हैं कि अब सितंबर-दिसंबर में जो सीजन स्टार्ट होगा उसमें पर्यटन सेक्टर में दोबारा जान डालने के लिए प्रयास किया जा रहे है। ऑनलाइन मार्केटिंग और इवेंट्स के ज़रिये घरेलू पर्यटकों को आकर्षित कर रहे है। लोक कलाकारों की सहायता के लिए ऑनलाइन प्रतियोगिताएं की जा रही है. जिसमें हिस्सा लेकर कलाकार पुरस्कार जीत सकते है। अधिकतम होटल्स के क्वारंटाइन केंद्र बनाए जाने पर, होटेलियर्स के लिए ऑनलाइन वर्चुअल शेफ कम्पटीशन जैसी प्रतियोगिताएं और पाक कला से सम्बंधित गतिविधियां हो रही है।”

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सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर हो रहे हैं कार्यक्रम .

टिकटों के दरों में हो सकता है बदलाव !

माथुर कहते हैं कि कोरोनावाइरस महामारी की वजह से लम्बे समय तक विदेशी पर्यटकों के आने पर रोक रहेगी। राजस्थान के जयपुर, अजमेर, सवाई माधोपुर, जैसलमेर, जोधपुर, उदयपुर, भरतपुर, अलवर, झुंझुनूं और चित्तौड़गढ़ क्षेत्रों में पर्यटन लोगों की आय का बड़ा जरिया है. जहां पर विदेशी पर्यटक बड़ी संख्या में आते है। इस कारण अब घरेलू पर्यटकों पर फोकस रहेगा। लॉकडाउन के बाद पैलेस ऑन व्हील्स जैसी प्रीमियम ट्रेन, जो की विदेशी पर्यटकों के भरोसे चलती थी उनमें भी बदलाव किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले दिन हुई बैठक में यह बात तय हुई है कि पर्यटन स्थलों पर स्वास्थ्य और स्वच्छता और उम्दा किया जायेगा. फिल्म शूटिंग और संभावित क्षेत्र में सरकार को शुल्क माफ करने और होटलों के लिए जीएसटी दरों के मुद्दों पर चर्चा हुई है.

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सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर हो रहे हैं कार्यक्रम .

बुकिंग हुई निरस्त
भारत में राजस्थान की पर्यटन के हिसाब से 6वीं रैंकिंग है. यहाँ पर 15,13,729 विदेशी पर्यटक 2018 में आये थे. लेकिन अभी की हालत चिंताजनक है. एक जानकारी के अनुसार 60 फीसदी विदेशी पर्यटकों ने अपनी बुकिंग निरस्त करा ली है। चीन के पर्यटक तो बिल्कुल ही नहीं आ रहे हैं। सर्दी के मौसम में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आते हैं, लेकिन कोरोना वायरस के कारण इनकी आवक में कमी आई है। इसी तरह रणथंभौर 80 फीसदी एडवांस बुकिंग निरस्त करा ली गई है।

ये हैं पर्यटक सर्किट

राजस्थान के पर्यटन स्थलों को 10 सर्किटों में विभाजित किया गया हैं. कुछ मैदानी है तो कोई मरुस्थलीय किसी में ऐतिहासिक भवन एवं किले शोभा बढ़ाते है तो कही अभ्यारण्य हैं.

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जयपुर का आमेर किला.

जयपुर  : आमेर.
अलवर : सिलीसेढ़, सरिस्का परिपथ.
भरतपुर : डींग  धौलपुर परिपथ.
जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर, नागौर परिपथ
चुरू, झुंझुनू, सीकर परिपथ
माउंट आबू, सिरोही पाली, जालौर परिपथ
उदयपुर, चित्तौड़गढ़, नाथद्वारा, कुम्भलगढ़, जयसमन्द, डूंगरपुर परिपथ
अजमेर, पुष्कर, मेड़ता परिपथ
कोटा, बूंदी, झालावाड़ परिपथ
रणथम्भौर, टोंक परिपथ     : ( स्रोत : विकिपीडिया ) 


POLL TALK DESKhttps://polltalk.in/
पोल टॉक और PollTalk.In के सम्पादक संतोष कुमार पांडेय देश के कई शहरों में पत्रकारिता कर चुके हैं। ये शहर जो कार्यस्थल बने वाराणसी , लखनऊ, आगरा, देहरादून, नोएडा, जयपुर, बिहार, हैदराबाद, पानीपत, सतना में रहे हैं। इन संस्थानों में दी सेवाएं राजस्थान पत्रिका , दैनिक भास्कर, एग्रो भास्कर, हिन्दुस्थान, जनसन्देश न्यूज़ चैनल, जनसन्देश टाइम्स, ईटीवी भारत में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किये. राजनीति की सही जानकारी और कुछ रोचक इन्टरव्यू दिखाना प्राथमिकता है।

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