Rajya Sabha Election 2022: ‘अजेय’ प्रमोद तिवारी क्या इस बार जीत पाएंगे ?

10 जून (10 JUNE ) को राज्यसभा के लिए राजस्थान के विधायक मतदान करेंगे। आइये जानते हैं क्या है पूरा खेल और किधर जा रही है कहानी ?

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Congress Leader Pramod Tiwari
Congress Leader Pramod Tiwari

  • कांग्रेस से मैदान में मुकुल वासनिक और रणदीप सुरजेवाला और प्रमोद तिवारी हैं
  • भाजपा से घनश्याम तिवाड़ी और जी मीडिया के प्रमुख सुभाष चंद्रा मैदान में

संतोष कुमार पांडेय | जयपुर

यूपी के प्रतापगढ (PRATAPGARH) जिले की रामपुर खास (RAMPUR KHAS) विधान सभा सीट पर 42 साल से लगातार (9 बार लगातार खुद जीते और अब 3 बार से बेटी जीत रही हैं ) अपना कब्जा रखने वाले प्रमोद तिवारी ( PRAMOD TIWARI ) कभी चुनाव नहीं हारे हैं। जब देश के उच्च सदन में जाना हुआ तो वहां भी गए। 2014 में प्रमोद तिवारी ( PRAMOD TIWARI ) राज्यसभा (RAJYASABHA ) आसानी से नहीं गए थे।

इस बार उनके ही दल के विधायक उन्हें राज्यसभा नहीं भेजना चाह रहे हैं। लड़ाई मजेदार हो गई है। तो क्या अजेय प्रमोद तिवारी इस बार चक्रव्यूह तोड़ पाएंगे ? इतंजार है बस परिणाम का। 10 जून (10 JUNE ) को राज्यसभा के लिए राजस्थान के विधायक मतदान करेंगे। आइये जानते हैं क्या है पूरा खेल और किधर जा रही है कहानी ?

राजस्थान में राज्यसभा की चार सीटों के लिए कांग्रेस की तरफ से मुकुल वासनिक ( MUKUL VASNIK ) , प्रमोद तिवारी (PRAMOD TIWARI ) और रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) चुनाव लड़ रहे हैं तो वहीं बीजेपी ने पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी (Ghanshyam Tiwari Rajasthan ) को अपना उम्मीदवार घोषित किया था. उधर एक बड़े मीडिया ग्रुप के प्रमुख सुभाष चंद्रा (SUBHASH CHANDRA) भी राजस्थान में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं. सुभाष चंद्रा (SUBHASH CHANDRA) को बीजेपी का समर्थन हासिल है.

हालाँकि, अपडेट यही है कि अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (ASHOK GEHLOT ) ने मामले को ठीक कर लिया है. कांग्रेस के तीनों प्रत्याशी जीतने की स्थिति में है. अब खेल में सुभाष चंद्रा (SUBHASH CHANDRA) फंस चुके हैं। कांग्रेस का चार और बीजेपी का एक सीट पर जीतना लगभग तय माना जा रहा है.

उधर चौथी सीट के लिए कांटे की टक्कर होना तय है. आखिरी सीट पर जीतने के लिए उम्मीदवार को 41 वोटों की जरूरत होगी जबकि दो सीट जीतने के बाद कांग्रेस पर 26 और बीजेपी के पास 30 वोट बाकी रहेंगी. ऐसे में चौथी सीट के लिए जोरदार टक्कर देखने को मिल सकती है. हालांकि, कांग्रेस निर्दलीय औऱ छोटे दलों के विधायकों के वोट की उम्मीद से जीत का दावा कर रही है.

 


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