फास्ट टैग न होने पर जुर्माना लगाने का फरमान संगठित लूट है : अनुपम मिश्रा

प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में रालोद (RLD) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुपम मिश्रा ने केद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी किये गये फास्ट टैग न होने पर जुर्माना लगाने सम्बन्धी फरमान पर जोरदार हमला बोला।  मिश्रा ने सरकार के इस आदेश को संगठित लूट एवं वैधानिक रंगदारी की संज्ञा देते हुये इसे जनता की जेब पर डाका डालने जैसा कृत्य बताया।

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लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुपम मिश्रा !
लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुपम मिश्रा

  • रालोद (RLD) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुपम मिश्रा ने प्रेसवार्ता में उठाया मुद्दा 
  • नकद लेन को वैसे ही चालू रखा जाना चाहिए जैसे आपातकालीन सेवाओें की चालू है 

पोल टॉक नेटवर्क | लखनऊ 

प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में रालोद (RLD) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुपम मिश्रा ने केद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी किये गये फास्ट टैग न होने पर जुर्माना लगाने सम्बन्धी फरमान पर जोरदार हमला बोला।  मिश्रा ने सरकार के इस आदेश को संगठित लूट एवं वैधानिक रंगदारी की संज्ञा देते हुये इसे जनता की जेब पर डाका डालने जैसा कृत्य बताया।

मिश्रा ने कहा कि क्या सरकार यह बतायेगी कि यदि कोई नागरिक फास्ट टैग अभी तक नहीं लगवा पाया है तो यह किस अपराध के अंतर्गत आता है ? सरकार द्वारा नकदी लेन को समाप्त किया जाना एक सुनियोजित लूट प्रतीत होती है। नकद लेन को वैसे ही चालू रखा जाना चाहिए जैसे आपातकालीन सेवाओें की लेन-देन चालू है।

अनुपम मिश्रा ने कहा कि हम जिस मार्ग पर यात्रा कर रहें होते हैं उस मार्ग का निर्धारित टोल टैक्स अदा करते हैं। फास्ट टैग की बाध्यता नहीं होनी चाहिए। जिस भी व्यक्ति के वाहन पर फास्ट टैग नहीं है वह दुगुना भुगतान क्यों करे ? अतः बिना टैग वाले वाहनों को गुजरने की सुविधा यथावत रहने दी जाय।

दूसरी बात जो और भी हैरान करने वाली है वह यह है कि शहर के भीतर चलने वालों वाहनों को भी फास्ट टैग लगाना अनिवार्य कर दिया गया है, अन्यथा पहली बार में 300 रूपये और दूसरी बार में 500 रूपये का जुर्माना लगाया जायेगा।
अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुये अनुपम मिश्रा ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अपने निजी वाहन से शहर के बाहर किसी

शहर के बाहर और ऐसा भी जरूरी नहीं है कि वह राजमार्ग से यात्रा करे। ऐसा भी हो सकता है कि उसके पास चार पहिया वाहन तो है पर वह किराये के वाहन से या सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करता हो। सरकार द्वारा यह नियम बनाया जाना, कि जो भी नये वाहन अब खरीदे जायेंगे उन पर फास्ट टैग की अनिवार्यता होगी, साफ लूट प्रतीत होता है क्योंकि प्रत्येक वाहन पर 200 रूपये का फास्ट टैग लगकर मिलेगा। आप आसानी से प्रत्येक वर्ष खरीदे जाने वाले नये वाहनों की संख्या को यदि 200 रूपये से गुणा कर दें तो करोडों रूपये की उगाही आपके सामने आ जायेगी।

अनुपम मिश्रा ने राष्ट्रीय राजमार्ग की कार्यप्रणाली पर प्रष्नचिन्ह लगाते हुये पूछा कि वे सड़के जिनका रखरखाव दुरूस्त नहीं है उनका क्या? क्या सरकार उस स्थिति में जबरदस्ती वसूले गये धन की वापसी की व्यवस्था करेंगी। सरकार व राजमार्ग मंत्रालय पर हमलावर अनुपम मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल सरकार की इस संगठित लूट और वैधानिक रंगदारी का न केवल विरोध करता है बल्कि इसके खिलाफ अभियान भी चलायेगा। यदि इसे वापस नहीं लिया गया तो हमारी पार्टी सड़क पर उतरकर जनता से की जाने वाली इस लूट और शोषण का विरोध करेगी। इस दौरान प्रदेश प्रवक्ता एसके त्रिवेदी, यज्ञेन्दु पाण्डेय, मनीष मिश्रा व अन्य पार्टी के सदस्य मौजूद रहे.


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