जन्मदिन विशेष : राजनीतिक झंझावातों के बीच पहली बार कॉकपिट में खामोश बैठे ‘पायलट’

सचिन पायलट (sachin pilot) का 7 सितम्बर को जन्मदिन है. पायलट (pilot ) राजस्थान (rajasthan) के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष भी रहे. 26 साल में सांसद बनने वाले कांग्रेस के नेता सचिन पायलट (sachin pilot ) इस बार 42 के हो जायेंगे. मतलब 16 के राजनीतिक करियर में पहली पायलट अपनी सत्ता धारी पार्टी में कुछ नहीं है. कुछ महीने पहले उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष थे. मतलब, पॉवर गैलेरी बनी हुई थी. इस बार कोरोना है और पायलट का जन्मदिन भी. मगर चर्चा खूब है. 

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सचिन पायलट, पूर्व उपमुख्यमंत्री , राजस्थान
सचिन पायलट, पूर्व उपमुख्यमंत्री , राजस्थान

  • राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री हैं सचिन पायलट, प्रदेश अध्यक्ष भी रहे 
  • अशोक गहलोत से किये थे बगावत, पहली बार जन्मदिन चर्चा में रहेगा 

संतोष कुमार पाण्डेय | सम्पादक 

सचिन पायलट (sachin pilot) का 7 सितम्बर को जन्मदिन है. पायलट (pilot ) राजस्थान (rajasthan) के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष भी रहे. 26 साल में सांसद बनने वाले कांग्रेस के नेता सचिन पायलट (sachin pilot ) इस बार 42 के हो जायेंगे. मतलब 16 साल के राजनीतिक करियर में पहली बार पायलट अपनी सत्ताधारी पार्टी में ‘कमजोर’ है. कुछ महीने पहले उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष थे. मतलब, पॉवर गैलेरी में बने हुए थे. इस बार कोरोना है और पायलट का जन्मदिन भी है. चर्चा में खूब बने हुए है.

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टोंक विधायक सचिन पायलट राजस्थान की कई सीटों से अपना भाग्य अजमा चुके हैं. दौसा, अजमेर और अब टोक से विधायक हैं. केंद्र की राजनीति में भी काम करने का अनुभव है. मगर इस बार अपनी ही सरकार में बेगाने से बने हुए दिख रहे हैं. सचिन की माता रमा पायलट और पिता राजेश पायलट दोनों राजस्थान के दिग्गज नेता रहे. रमा पायलट ने वसुंधरा राजे के खिलाफ चुनाव लड़ा था मगर हार मिली.

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सचिन के पिता दिग्गज कांग्रेस नेता रहे. सचिन के साले और ससुर दोनों जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे. फारुख अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला हमेशा चर्चा में बने रहते है. पायलट खेमे में भी इस बार मायूसी है. लेकिन वहां भी इन्ताजर है बेहतर अवसर और समय का. सूत्रों की माने तो बगावत में पायलट के साथ जाने वाले नेताओं का अभी कुछ भी साफ़ नहीं है. वहीँ पायलट भी बगावत के बाद लौटने पर अभी कुछ ज्यादा नहीं बोल नहीं रहे हैं.

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जब सचिन की उम्र कम थी तो उन्हें ज्यादा ख्याति मिली और जब उम्र बढ़ रही तो उसका उल्टा हो रहा है. सबकी नजरें सचिन पर टीकीं हुई है. मगर सचिन को इन्तजार है कमेटी द्वारा किये ये कार्यो और उसके परिणाम का. जहाँ से एक रास्ता निकलेगा. और मामला पूरी तरह से शांत होगा .

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