AZAM KHAN FULL STORY: जब एक चुनाव हारने के बाद आजम खान को सपा से निकला गया ?

आजम खान (AZAM KHAN ) सपा (SAMAJWADI PARTY) के संस्थापक सदस्य रहे हैं।

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azam khan

  • आजम खान का गढ़ है रामपुर विधान सभा और लोक सभा सीट
  • आजम के सामने नहीं चलती किसी भी पार्टी और नेता की लहर

पोल टॉक नेटवर्क | लखनऊ

राजनीति में आजम खान (AZAM KHAN) का चेहरा किसी पहचान का मोहताज नहीं है। आजम खान (AZAM KHAN ) उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेताओं में एक नाम है। आजम खान (AZAM KHAN ) उत्तर प्रदेश में 9 बार विधायक चुने जा चुकें हैं। आजम खान (AZAM KHAN ) सपा (SAMAJWADI PARTY) के संस्थापक सदस्य रहे हैं। हालाँकि, अब तक के राजनीतिक सफर में आजम खान (AZAM KHAN) 4 राजनीतिक दलों में अपनी भागीदारी दर्ज करा चुके हैं.

आजम खान (AZAM KHAN ) का जन्‍म उत्तरप्रदेश के रामपुर (RAMPUR) में 14 अगस्‍त 1948 को हुआ था. उन्‍होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई रामपुर के बकर स्‍कूल से पूरी की उसके बाद रामपुर के सुंदरलाल इंटर कॉलेज से स्‍नातक पास किया। आजम खान ने 1974 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। इसी विश्वविद्यालय से आजम खान ने राजनीति में कदम भी रखा। आजम खान (AZAM KHAN ) अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU ) में छात्र संघ के सचिव चुने गए। आजम खान का निकाह ताजीन फातिमा से हुआ है और उनके दो बेटे अदीब खान और अब्‍दुल्‍लाह खान हैं।

आजम खान का राजनीतिक सफर  

आजम खान (AZAM KHAN ) ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) से की थी। पढ़ाई के साथ साथ आजम खान AMU छात्रसंघ के सचिव बने। आजम खान ने मुख्य धारा की राजनीति 1976 से शूरू की। आजम खान (AZAM KHAN ) ने 1976 में जनता दल ज्वाइन करने के बाद जिला स्तर से अपने राजनीति की शुरुआत की। 1980 में आजम खान (AZAM KHAN) पहली बार जनता पार्टी सेकुलर के टिकट पर चुनाव लड़े और विधायक चुने गए। वहीं दूसरी बार 1985 के विधानसभा चुनाव में आजम खान (AZAM KHAN ) लोक दल कल से चुनाव लड़े और दूसरी बार विधायक बने। 1989 के विधानसभा चुनाव में आजम खान (AZAM KHAN ) ने एक बार फिर जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ा और तीसरी बार विधायक चुने गए।

1989 में आजम खान को उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया। आजम खान 5 दिसंबर 1989 से लेकर 24 जून 1991 तक उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद पर रहे। 1991 जनता पार्टी का सहारा लेकर आजम खान ने चुनाव लड़ा और चौथी बार विधायक चुने गए।

सपा सरकार में बने मंत्री

1992 में समाजवादी पार्टी के गठन के बाद 1993 में हुए विधानसभा चुनाव में आजम खान ने पहली बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और उस चुनाव में आजम खान को 40324 वोट मिले जबकि जनता दल के अफरोज आलम को 39724 वोट हासिल हुए थे। पहली बार समाजवादी पार्टी की सरकार बनी सरकार में आजम खान (AZAM KHAN ) को राज्यमंत्री बनाया गया।

उत्तर प्रदेश में लगातार पांच बार विधायक का चुनाव जीतने वाले आजम खान 1996 के विधानसभा चुनाव में अपने प्रतिद्वंदी अफरोज आलम से हार गए। 1996 का विधानसभा चुनाव हारने के बाद उन्हें राज्यसभा सदस्य चुना गया। आजम खान 9 मार्च 2002 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। 2002 में हुए विधानसभा चुनाव में आजम खान रामपुर विधानसभा सीट से छठी बार विधायक बने। आजम खान (AZAM KHAN ) 2003 से लेकर के 2007 तक संसदीय मामलों शहरी विकास जिला कोर्ट की सारी रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन विभाग के कैबिनेट मंत्री बने। 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में आजम खान ने एक बार फिर से रामपुर खास विधानसभा से चुनाव जीता और सातवीं बार विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे मई 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में आजम खान ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें जयाप्रदा से हार का मुंह देखना पड़ा।

सपा से किया गया बाहर

2009 में लोकसभा चुनाव हारने के बाद 24 मई 2009 में आजम खान को समाजवादी पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया हालांकि इसके बाद 24 दिसंबर 2010 को उनका निष्कासन रद्द कर उन्हें एक बार फिर से समाजवादी पार्टी में शामिल कर लिया गया। उत्तर प्रदेश किंग में 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की उत्तर प्रदेश में सरकार बनने के बाद आज रामपुर खास सीट से एक बार फिर विधायक चुनकर आए। आजम खान को मंत्री पद दिया गया मंत्री पद में उन्हें कई बड़े मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। लेकिन आजम खान के ऊपर लगातार तमाम विवाद होते रहे और विवादों के बाद आजम खान ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

जेल का भी तय किया सफर

समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान के ऊपर उन्हीं के विधानसभा क्षेत्र रामपुर में जमीन पर कब्जा करने, धमकी देने, किताबें चुराने सहित तमाम मुकदमे दर्ज हैं इन मुकदमे में उनकी पत्नी तंजीम फातिमा उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम का नाम भी शामिल है। इन्हीं मामलों के चलते 26 फरवरी 2020 को तंजीम फातिमा बैठे अब्दुल्ला समेत आजम खान को जेल भेज दिया गया था। आजम खान के ऊपर अपने बेटे अब्दुल्लाह आजम का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगा था। फिलहाल आजम खान का नाम उत्तर प्रदेश की राजनीति से धीरे धीरे ढलता जा रहा है।


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