SBSP-सुभासपा: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की स्थापना ऐसे हुई थी ?

वर्तमान ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के उत्तर प्रदेश में 6 विधायक हैं।

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suheldev bharatiya samaj party founder

  • ओम प्रकाश राजभर ने अपनी बिरादरी में बनाई बड़ी पैठ
  • दो बार विधान सभा के चुनाव में मिली बेहतर जीत

पोल टॉक नेटवर्क | लखनऊ

उत्तर प्रदेश की राजनीति में पिछले दो विधानसभा चुनावों से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ( Suheldev Bhartiya Samaj Party (SBSP) की अपनी मजबूत हिस्सेदारी दर्ज करा रही है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 (UP VIDHAN SABHA CHUNAV 2022 ) व उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 सूबे के दोनों चुनावों में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने चुनावी सुर्खियों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वर्तमान में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के उत्तर प्रदेश में 6 विधायक हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को चुनाव चिन्ह के रूप में छड़ी आवंटित किया गया है।

कब हुई सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की स्थापना ?

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (Suheldev Bhartiya Samaj Party (SBSP) की स्थापना 2002 में उत्तर प्रदेश के पूर्व में पिछड़ों में अच्छा प्रभाव रखने वाले ओम प्रकाश राजभर (OM PRAKASH RAJBHAR ) ने की। ओमप्रकाश राजभर (OM PRAKASH RAJBHAR ) ने 1981 में बसपा संस्थापक कांशीराम के समय से राजनीति की शुरुआत की थी। ओमप्रकाश राजभर ने अपनी शुरुआती राजनीति बहुजन समाज पार्टी (BSP) से ही शुरू की। ओमप्रकाश राजभर ( (OM PRAKASH RAJBHAR ) ने राजनीति में कदम रखते ही पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए लड़ाई करना शुरू कर दिया जिससे उनकी समाज में पकड़ धीरे-धीरे अच्छी होती गई।

ओमप्रकाश राजभर ( OM PRAKASH RAJBHAR ) ने 1995 में अपनी पत्नी राजमती राजभर को वाराणसी जिला पंचायत का चुनाव लड़वाया और वह चुनाव जीत गई। ओमप्रकाश राजभर ने 1996 में बसपा से पिंडरा विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ा, हालांकि इस चुनाव में वे हार गए। 2001 में बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती से विवाद होने के बाद उन्होंने बसपा से इस्तीफा दे दिया।

ओम प्रकाश राजभर ने 27 अक्टूबर 2002 को  सारनाथ के महाराजा सुहेलदेव राजभर पार्क में एक नए पार्टी का गठन किया और नाम रखा- “सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी”.  सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की स्थापना करने के बाद पार्टी अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अपने जाति और पिछड़े वर्ग को पार्टी से जोड़ना शुरु कर दिया। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने अपना पहला चुनाव 2004 में लड़ा। तब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी पार्टी ने उत्तर प्रदेश और बिहार में अपने उम्मीदवार उतारे। हालांकि, तब पार्टी को हार ही हाथ लगी थी।

2017 में बदली पार्टी की किस्मत 

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने 2007 में भी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ा। 2007 के चुनाव नतीजों में भी पार्टी की स्थिति में कुछ सुधार नहीं हुआ और उनके किसी भी प्रत्याशी के हाथ जीत न लगी। हालांकि 2007 और 2012 मे के चुनावों में पार्टी के हाथ भले ही कुछ खास न लगा हो लेकिन पूर्व के जिलों में पिछड़े वर्ग पर धीरे धीरे पकड़ बनाने की और अग्रसर हो गयी।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और ओम प्रकाश राजभर की किस्मत चमकी। 2017 में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के 4 विधायक चुन कर विधानसभा पहुँच गए। 2017 में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी NDA गठबंधन में शामिल हो गयी और उत्तर प्रदेश की सत्ता में विराजमान हो गयी। पार्टी अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को योगी मंत्रिमंडल में जगह दी गयी।

वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव के समय सीटों पर बात न बनाने के कारण सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी  बीजेपी से अलग हो गयी। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी  ने 2022 का विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर लड़ा। 2022 में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने 6 सीटों पर जीत हासिल की।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख नेता

ओम प्रकाश राजभर (अध्यक्ष व पूर्व मंत्री), अरविंद राजभर (प्रमुख महासचिव, पूर्व राज्यमंत्री), अरुण कुमार राजभर (राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता), सुनील कुमार अर्कवंशी (प्रदेश अध्यक्ष), महेंद्र राजभर (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), सालिक यादव (राष्ट्रीय सचिव), शक्ति सिंह (राष्ट्रीय सचिव), संतोष पांडेय (राष्ट्रीय सचिव) और सुनील सिंह (प्रदेश प्रवक्ता) हैं.


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