AFZAL ANSARI FULL STORY: अफजाल अंसारी की हर वो बात जो आप नहीं जानते होंगे ?

मऊ के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी (UP BAHUBALI EX MLA MUKHTAR ANSARI ) के भाई अफजाल अंसारी

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  • गाजीपुर से हैं बसपा के सांसद, कई बार रहे हैं विधायक
  • केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा को हरा चुके हैं लोकसभा का चुनाव

पोल टॉक नेटवर्क | लखनऊ

उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी (UP BAHUBALI EX MLA MUKHTAR ANSARI ) का नाम किसने नहीं सुना होगा। मुख्तार अंसारी जिनके दादा कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे उनके पोते का नाम पूर्वांचल के अपराध जगत में गिना जाता है। इस लेख में मऊ के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी (UP BAHUBALI EX MLA MUKHTAR ANSARI ) के भाई अफजाल अंसारी (AFZAL ANSARI) के बारे में जानने वाले हैं। अफजाल अंसारी (AFZAL ANSARI ) फिलहाल गाजीपुर (GHAZIPUR) क्षेत्र से बसपा के सांसद हैं।

कौन हैं अफजाल अंसारी ? 

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री पर की कुर्सी पर बैठने का सपना देखने वाले अफजाल अंसारी सूबे के बाहुबली नेताओं से सुमार मुख्तार अंसारी के भाई हैं। अफजाल अंसारी की राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। अफजाल अंसारी के पिता मुहम्मदाबाद नगर पालिका के निर्विरोध चेयरमैन हुआ करते थे। चुनाव लड़ने से पहले वह एक सिनेमाहाल में बतौर मैनेजर काम करते थे।

अफजाल अंसारी का राजनीतिक सफर 

औपचारिक रूप से अफजाल अंसारी का राजनीतिक सफर 1985 में शुरू हुआ। अफजाल अंसारी 1985 में पहली बार विधायक चुने गए थे। 1985 में विधायक चुने जाने के बाद अफजाल अंसारी लगातार 1996 तक विधानसभा पहुंचते रहे। 1985 से जीतने का शुरू हुआ सिलसिला लगातार 89, 91और 93 तक जारी रहा। इसके बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया रहे मुलायम सिंह यादव (MULAYAM SINGH YADAV ) ने मोहम्मदाबाद के चुनावी सभा में अफजाल अंसारी को समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। 1996 में हुए चुनाव में समाजवादी पार्टी (SAMAJWADI PARTY) के टिकट से लड़े अफजाल अंसारी (AFZAL ANSARI ) ने चुनाव जीता। जबकि 2002 में अफजाल अंसारी को भाजपा प्रत्याशी कृष्णानंद राय से हार का सामना करना पड़ा।

2002 में विधानसभा चुनाव हारने के बाद अफजाल अंसारी ने 2004 में गाजीपुर लोकसभा सीट से सांसद का चुनाव लड़ा इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी मनोज सिन्हा को दो लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया था। 2009 के लोकसभा चुनाव में अफजाल अंसारी ने बसपा के टिकट से लोकसभा चुनाव लड़ा हालांकि इस बार उन्हें सपा प्रत्याशी राधामोहन सिंह से हार का सामना करना पड़ा। राधा मोहन सिंह ने अफजाल अंसारी को 69 हजार से ज्यादा वोटों से मात दी थी।

2014 में हुए लोकसभा चुनाव की बात करें तो अफजाल अंसारी ने इस बार बलिया लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में पासा खेला हालांकि इस बार भी उनके हाथ हार लगी। 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में अफजाल अंसारी ने एक बार फिर से गाजीपुर से लोकसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

अपराधिक मामलों की बात की जाए तो अफजाल अंसारी पर पूर्व विधायक कृष्णानंद राय की हत्या का मामला दर्ज है इसके साथ ही उनके ऊपर मोहम्मदाबाद तहसील में धरना के दौरान हुई तोड़फोड़ का मामला भी दर्ज है।


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