MLA Abhay Singh: कौन है बाहुबली अभय सिंह, कृष्णानंद राय हत्याकांड में मुख़्तार अंसारी के साथ जुड़ा है नाम

अयोध्या जिले की गोसाईंगंज विधान सभा सीट से दूसरी बार विधायक बने हैं.

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  • कई विवादों से जुड़ा रहा हैं अभय का नाम
  • कुछ ऐसी हैं छात्र नेता से विधायक बनने का सफर

पोल टॉक नेटवर्क | लखनऊ

उत्तर प्रदेश (UTTAR PRADESH ) की राजनीति में जातिवाद और बाहुबली शब्द सामने न आ जाये तब तक उत्तर प्रदेश की राजनीति की पूर्ण व्याख्या नहीं होती। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बाहुबली का नाम हमेशा से चलता आ रहा है। जब भी उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेताओं की बात की जाती है तब आपके जहन में मुख़्तार अंसारी (MUKHTAR ANSARI ), अतीक अहमद (atiq ahmad ), धनंजय सिंह (DHANANJAY SINGH ), राजा भैया (RAJA BHAIYA) , अभय सिंह (ABHAY SINGH ) समेत कई नाम उकर आते होंगे। अब आइये जानते हैं कि समाजवादी पार्टी (SAMAJWADI PARTY ) के बाहुबली विधायक अभय सिंह (ABHAY SINGH ) के बारे में . जो अयोध्या जिले की गोसाईंगंज विधान सभा सीट से दूसरी बार विधायक बने हैं.

कौन हैं बाहुबली अभय सिंह ? 

अभय सिंह (ABHAY SINGH ) ने अपनी राजनीति की शुरुआत लखनऊ विश्वविद्यालय से की। अभय सिंह ने लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र नेता से माननीय तक का सफर तय किया। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अभय सिंह का नाम तब उछला जब 2012 के विधानसभा चुनाव में अभय सिंह अयोध्या की गोसाईगंज सीट से बतौर सपा प्रत्याशी मैदान में उतरे। 2012 के चुनाव में अभय सिंह ने सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जेल में रहते हुए एक बड़ी ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

अभय सिंह ने 2017 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से सपा से ताल ठोकी लेकिन इस बार उन्हें अपना दल के उम्मीदवार इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी से हार का सामना करना पड़ा। 2022 के विधानसभा चुनाव में अभय सिंह ने एक बार फिर से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा।  गोसाईगंज से चुनावी मैदान में अभय सिंह के सामने इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी की पत्नी आरती तिवारी थीं। चुनाव नतीजों में अभय सिंह ने आरती तिवारी को 13 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया।

इन मामलों से जुड़ा अभय का नाम 

अभय सिंह का सबसे पहले नाम लखनऊ के जेलर आरके तिवारी हत्याकांड में सामने आया था। कहा जाता है कि लखनऊ जेल में बंद अभय सिंह से आरके तिवारी का विवाद हुआ था, जिसके बाद ही राज भवन के सामने आरके तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अभय सिंह पर इस हत्याकांड की साजिश रचने का आरोप लगा था। हालांकि, पुलिस की जांच में अभय सिंह का नाम सामने नहीं आया।

बीजेपी नेता कृष्णानंद राय हत्याकांड में भी अभय सिंह का नाम सामने आया। हालाँकि, कृष्णानंद राय हत्याकांड में अभय सिंह का नाम तब जुड़ा जब एक ऑडियो वायरल हो गया। ऑडियो में एक तरफ से अभय सिंह की आवाज थी जबकि दूसरी ओर मुख़्तार अंसारी की आवाज बताई जा रही थी। इस ऑडियो में बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के बाद मुन्ना बजरंगी की ओर से चोटी काटने की बात बताई जा रही थी।


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