कौन हैं राजकुमारी रत्ना सिंह, राजा भैया को पेश की थी चुनौती

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पोलटॉक नेटवर्क | लखनऊ 

उत्तर प्रदेश की सियासत में रियासत और रजवाड़ों का एक अलग ही रुतबा है। बुंदेलखंड रियासत राज करने वाले राजा समर सिंह से लेकर रामपुर के नवाब और भदरी रियासत के राजकुमार राजा भैया चित्र कई रियासतों और रजवाड़ों के राजकुमारों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक लंबा सफर तय किया है। इस लेख में हम राजघराने आने वाली राजकुमारी रत्ना सिंह के बारे में जानने वाले हैं।

कौन हैं राजकुमारी रत्ना सिंह

प्रतापगढ़ में मुख्यतः दो रियासतें रही हैं पहली रियासती भदरी और दूसरी है कालाकांकर। राजकुमारी रत्ना सिंह का संबंध कालाकांकर रियासत से है। प्रदेश की राजनीति में भदरी और कालाकांकर राजघराने अक्सर एक-दूसरे के सामने लड़ते हुए दिखाई दे जाते हैं। राजकुमारी रत्ना सिंह का जन्म 1959 में हुआ था। रत्ना सिंह के पिता का नाम राजा दिनेश सिंह का व उनके परदादा कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। माना जाता है कि राजकुमारी रत्ना सिंह के पिता दिनेश सिंह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के काफी करीबी थे और वह कांग्रेस सरकार में विदेश मंत्री के पद पर भी रहे थे। राजा दिनेश सिंह के कोई पुत्र ना होने के कारण राजकुमारी रत्ना सिंह ही इस रियासत की मालकिन है। राजकुमारी रत्ना सिंह प्रतापगढ़ के कालाकांकर विकासखंड में गंगा नदी के किनारे बने आलीशान महल में रहती हैं।

राजकुमारी रत्ना सिंह का राजनीतिक सफर

राजकुमारी रत्ना सिंह को राजनीति अपने पिता से विरासत के रूप में मिली है। सिंह अपने पिता की विरासत को ही आगे बढ़ा रहे हैं। रत्ना सिंह 1996 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर प्रतापगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ा और चुनाव जीतकर पहली बार संसद पहुंची। सिंह ने दूसरी बार 1999 में लोकसभा का चुनाव लड़ा और एक बार फिर से संसद तक का रास्ता तय किया।

2004 के लोकसभा चुनाव में राजकुमारी रत्ना सिंह जब तीसरी बार चुनावी मैदान में उतरी तो उनका सामना भदरी रियासत से संबंध रखने वाले अक्षय प्रताप सिंह से हुआ और उन्हें इस चुनाव में राजा भैया के चचेरे भाई अक्षय प्रताप सिंह से हार का सामना करना पड़ा। 2009 के चुनाव में राजकुमारी रत्ना सिंह ने इसी सीट से चुनाव लड़ा और अक्षय प्रताप सिंह को हराने में कामयाब हो गई। हालांकि इसके बाद से राजकुमारी रत्ना सिंह प्रतापगढ़ से चुनाव नहीं जीत पाई हैं।

साल 2019 राजकुमारी रत्ना सिंह ने अपने अपने पिता का मार्ग छोड़कर दैनिक कांग्रेश पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। 2019 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं राजकुमारी रत्ना सिंह को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। 2009 में नेशनल इलेक्शन वॉच नाम के एक एनजीओ के मुताबिक व देश की सबसे अमीर महिला सांसद थी उस समय उनके पास 67 करोड़ 82 लाख रुपए की संपत्ति थी।

रिपोर्ट- पत्रकार आदित्य कुमार 


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