आम बजट : जनता का शोषण है, अरबपतियों का पोषण है : आयुष भारद्वाज

राजस्थान प्रदेश युवा कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता आयुष भारद्वाज ने कहा की मोदी सरकार का यह आम बजट (union budget ) देश को निजी हाथों में बेचने का ब्लूप्रिंट है।

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आयुष भारद्वाज, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी, राजस्थान, प्रदेश युवा कांग्रेस
आयुष भारद्वाज, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी, राजस्थान, प्रदेश युवा कांग्रेस

  • राजस्थान प्रदेश युवा कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता आयुष भारद्वाज ने बजट को बताया खराब 
  • देश में केवल 2 ही लोगों को होगा एक अंबानी और दूसरा अडानी का बजट है 

पोल टॉक नेटवर्क |जयपुर  

राजस्थान प्रदेश युवा कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता आयुष भारद्वाज ने कहा की मोदी सरकार का यह आम बजट (union budget ) देश को निजी हाथों में बेचने का ब्लूप्रिंट है। बजट का फायदा देश में केवल 2 ही लोगों को होगा एक अंबानी और दूसरा अडानी। मोदी सरकार अंबानी को देश के टेलीकॉम, डिफेंस, रिटेल और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर कब्ज़ा करवाना चाहती है वहीं अडानी को एयरपोर्ट, माइनिंग और सोलर सेक्टर पर। इन दोनों ग्रुप्स का एकाधिकार आने वाले समय में देश से छोटे व्यापारियों को समाप्त कर बाजार को मनमानी की तरफ लेकर जाएगा।

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भारद्वाज ने आरोप लगाते हुए कहा कि विनिवेश के नाम पर रेलवे के फ्राइट कॉरिडोर, एयरपोर्ट्स, एनएचएआई, बीपीसीएल, एचपीसीएल, आईओसीएल, गेल, केंद्रीय भंडारण निगम, पावर ट्रांसमिशन लाइन्स और खेल स्टेडियमों को बेच कर मोदी सरकार, भाजपा को विगत चुनावों में उद्योगपतियों द्वारा दिए गए “इलेक्शन फंड” को देश की बहुमूल्य संपत्तियां लुटा कर चुकाना चाह रही है । कांग्रेस द्वारा 70 सालों की खून-पसीने की मेहनत से बनाई गयी राष्ट्रीय संपत्तियों को मोदी सरकार कौड़ियों के भाव बेच कर देश को तबाह कर रही है।

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भारद्वाज ने बताया कि जहां कई स्थानों पर पेट्रोल ₹100 प्रति लीटर पहुंच गया है, राजस्थान सरकार ने 2% वैट काम कर, ₹1000 करोड़ प्रति वर्ष का घाटा सह कर, आम जनता को राहत देने की कोशिश कर रही है वही केंद्र की मोदी सरकार पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कम करने के बजाए कृषि सेस के रूप में क्रमश ₹4 और ₹2.5 रूपए प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। जिससे देशवासी आज ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

वैक्सीन के बजट प्रावधान को जुमला बताते हुए भारद्वाज ने कहा कि सीरम इंस्टिट्यूट ने देशभर में वैक्सीन लगाने की लागत ₹80,000 करोड़ बताई थी वहीं मोदी सरकार ने इस काम के लिए ₹35,000 करोड़ का फंड आवंटित किया है। आधे से भी कम बजट में यह कार्य कर पाना असंभव है।


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