Rajasthan politics: प्रतियोगी परीक्षाएं हैं बड़ी ‘खिलाड़ी’, किसी को देती हैं ताकत तो किसी की कमजोर करती है ‘राजनीति’

Publish On:August 29, 2025
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संतोष कुमार पांडेय। जयपुर

राजस्थान की राजनीति (Rajasthan politics) में कोई एक विषय मजबूत फैक्टर नहीं बन पाता है। इसलिए यहां पर युवाओं को साधने के लिए सभी नेता मेहनत करते हैं. उसके पीछे कई वजह हैं। चूँकि, नौकरी इस प्रदेश की प्रमुख मांग है। इसलिए यहां पर इसके लिए विधिवत सरकारें प्रमुखता से घोषणाएं करती हैं। यहाँ सरकार के लिए समय से प्रतियोगी परीक्षाएं कराना चुनौतीपूर्ण है। उनके परिणाम घोषित करना और बिना पेपर लीक हुए सबकुछ समय पर हो जाये सरकार इसका पूरा ध्यान रखती है।

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इसलिए यहां पर कई नेताओं पर सरकारी नौकरियों (Rajasthan politics) में धांधली और घपले का आरोप लगता रहा है। ये परीक्षाएं कई नेताओं को हीरो तो कई को जीरो बना चुकी हैं। इन्हे बड़े खिलाड़ी के रूप में देखा जा रहा है। पढ़िए ये रिपोर्ट सिर्फ पोल टॉक पर।

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इन नेताओं का पूरा ध्यान

अशोक गहलोत, सचिन पायलट, गोविंद सिंह डोटासरा, मदन दिलावर, हनुमान बेनीवाल, किरोड़ी लाल मीणा के साथ ही साथ अन्य युवा नेता भी इसी तरफ ध्यान लगाये रहते हैं। इसलिए यहाँ की राजनीति में ये बड़ा मुद्दा है।

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ये कुछ परीक्षाएं हैं जिन्हे लेकर विवाद है

राजस्थान (Rajasthan politics) में REET परीक्षा, SI भर्ती परीक्षा, JEN परीक्षाएं, और CET ऐसी परीक्षाएं हैं जिन्हे लेकर यहां पर विवाद रहा है। SI भर्ती परीक्षा 2021 को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। अब उसे लेकर यहां पर सियासी माहौल टाइट है। REET परीक्षा (राजस्थान एलिजिबिलिटी एग्जामिनेशन फॉर टीचर्स), 2021 में आयोजित इस परीक्षा में पेपर लीक की खबरें सामने आने के बाद काफी विवाद हुआ था।

JEN परीक्षा (सहायक अभियंता परीक्षा), नवंबर 2020 में आयोजित हुई जेईएन परीक्षाओं में भी पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण विवाद खड़ा हुआ था। CET परीक्षा (कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट ), 2024 में नई जिलों के गठन के विवादों के बीच इस परीक्षा में जिलों से जुड़े गलत सवाल पूछने पर भी विवाद उत्पन्न हुआ था।

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जो बड़ी वजहें होती हैं

इन परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थियों को रोकने की चुनौती हमेशा से रही है। इस पर नियंत्रण के लिए सरकार विभिन्न उपायों पर काम कर रही है। पेपर लीक भी एक बड़ा मसला रहा है। इसलिए यहां के युवाओं में रोष रहता है।