Parivarvad In Rajasthan Politics : कांग्रेस से आगे भाजपा, 30 MLA राजनीतिक परिवार वाले !

Publish On:August 19, 2025
Parivarvad In Rajasthan Politics।

संतोष कुमार पांडेय। जयपुर

भारतीय राजनीति में वर्ष 2014 में एक बड़े बदलाव की किरण दिखी थी। लेकिन वो अब धीरे धीरे खत्म होती दिख रही है। दरअसल, पीएम नरेन्द्र मोदी ने राजनीति में परिवारवाद को लेकर खूब आलोचना कि थी। मगर, अब 10 साल बाद हालात उलट हो गए हैं। राजनीति में परिवारवाद ( Parivarvad in Rajasthan Politics ) की आलोचना और चर्चा अब न के बराबर रह गई है। जहां कभी पीएम नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi) ने विपक्ष को मां बेटे की सरकार और बाप बेटे की सरकार कहकर तीखा हमला बोला करते थे अब भाजपा में ही परिवारवाद भारी दिख रहा है। बड़ी संख्या में राजनीतिक परिवार के लोग विधायक, सांसद बन चुके है। पोलटॉक की परिवारवाद की इस राजनीतिक सीरीज में सबसे पहले पढ़िए राजस्थान ( Parivarvad in Rajasthan Politics ) की विधानसभा में क्या हैं हालात ?

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विधायक 200 और 15 प्रतिशत परिवारवाद से

राजस्थान की राजनीति में परिवारवाद ( Parivarvad in Rajasthan Politics ) की जड़ें बेहद गहरी हैं। बड़ी संख्या में यहां पर जनप्रतिनिधि परिवारवाद से हैं। दल कोई भी लेकिन परिवारवाद से दूर नहीं है। टिकट बड़ी संख्या में परिवारवाद को ही मिलता है। उदाहरण के लिए 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने 44 ऐसे प्रत्याशियों को चुनाव में उतारा था। कांग्रेस के 24 तो भाजपा के 20 परिवार ऐसे थे जो पीढ़ी दर पीढ़ी चुनाव लड़ते हैं। और सत्ता पर काबिज होते हैं।

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अभी क्या है स्थिति ?

राजस्थान की विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों से 30 विधायक परिवारवाद से हैं। वहीँ निर्दलीय विधायकों में भी एक या दो परिवारवाद से हैं। परिवारवाद के मामले में भाजपा के अधिक विधायक हैं। इसमें कई दिग्गज हैं। जो सीएम रहे, डिप्टी सीएम हैं।

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कांग्रेस के परिवारवाद वाले विधायक

राजस्थान विधानसभा ( Parivarvad in Rajasthan Politics ) में अभी कांग्रेस के कुल 67 में से 13 विधायक परिवारवाद से हैं। टोंक के कांग्रेस विधायक सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट और माता रमा पायलट दोनों सांसद और विधायक रहे हैं। सीकर जिले की दातारामगढ़ से दो बार के कांग्रेस विधायक वीरेंद्र सिंह के पिता नारायण सिंह सात बार विधायक रहे हैं। जयपुर जिले की आमेर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक प्रशांत शर्मा के पिता सहदेव शर्मा कांग्रेस से आमेर के 1998 में विधायक रहे। जोधपुर की भोपालगढ़ से कांग्रेस विधायक गीता बरवड़ पूर्व विधायक नरपत राम की बेटी हैं। बीकानेर जिले की नोखा से कांग्रेस विधायक सुशीला डूडी पूर्व विधायक रामेश्वर डूडी की पत्नी है। चुरुं जिले की सरदारशहर से कांग्रेस विधायक अनिल शर्मा पूर्व मंत्री भंवर लाल शर्मा के बेटे हैं। चुरूं की सुजानगढ़ सीट से कांग्रेस के विधायक मनोज मेघवाल पूर्व मंत्री भंवरलाल मेघवाल के पुत्र हैं। झुंझुनू जिले की मंडावा से कांग्रेस की विधायक रीटा चौधरी पूर्व विधायक रामनारायण चौधरी की बेटी हैं। धौलपुर के राजाखेड़ा से कांग्रेस के विधायक रोहित बोरा के पिता पद्युम्न सिंह राजस्थान के वित्त मंत्री रहे। श्रीगंगानगर जिले की करणपुर सीट से कांग्रेस विधायक रूपिंदर सिंह पूर्व विधायक गुरमीत सिंह कुन्नूर के बेटे हैं। जयपुर की फुलेरा विधानसभा सीट से कॉग्रेस विधायक विद्याधर सिंह चौधरी पूर्व मंत्री हरी सिंह के बेटे हैं। धौलपुर से कांग्रेस की विधायक सोभारानी कुशवाहा पूर्व विधायक बीएल कुशवाहा की पत्नी है। नागौर विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक हरेंद्र मिर्धा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राम निवास मिर्धा के बेटे है।

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भाजपा के परिवारवाद वाले विधायक

राजस्थान ( Parivarvad in Rajasthan Politics ) में भाजपा के कुल 118 विधायक हैं। जिनमें से 16 विधायक परिवारवाद के हैं। बीकानेर की कोलायत से भाजपा विधायक अंशुमान सिंह पूर्व विधायक देवी सिंह भाटी के पौत्र हैं। भरतपुर की नदबई से भाजपा विधायक जगत सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री नटवर सिंह के पुत्र हैं। जयपुर की विद्याधर नगर से भाजपा विधायक दिया कुमारी पूर्व सांसद गायत्री देवी की पौत्री हैं। बीकानेर जिले की बीकानेर पूर्व से भाजपा विधायक सिद्धि कुमारी के दादा करणी सिंह लंबे समय तक सांसद रहे। भरतपुर जिले की कुम्हेर से भाजपा विधायक शैलेश सिंह पूर्व मंत्री डॉक्टर दिगंबर सिंह के पुत्र हैं। अजमेर की नसीराबाद से भाजपा विधायक रामस्वरूप लांबा पूर्व मंत्री सांवरलाल जाट के बेटे हैं। सीकर जिले की श्रीमाधोपुर से भाजपा विधायक झाबर सिंह पूर्व विधायक हरलाल सिंह के पुत्र हैं। राजसमंद से भाजपा विधायक दिप्ती माहेश्वरी पूर्व मंत्री किरण माहेश्वरी की पुत्री हैं। दौसा के महुआ से भाजपा विधायक राजेंद्र मीणा कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के भतीजे हैं। बाड़मेर की गुढ़ामलानी से भाजपा विधायक केके विश्नोई के पिता लादुराम विश्नोई विधायक रहे है। सलूम्बर से भाजपा की विधायक शांता अमृत मीणा के पति कई बार विधायक रहे है। प्रतापगढ़ से भाजपा विधायक हेमंत मीणा पूर्व विधायक नन्दलाल मीणा के बेटे हैं। नाथद्वारा से भाजपा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ के पिता महेंद्र सिंह मेवाड़ सांसद थे। झालावाड़ जिले की झालरपाटन सीट से भाजपा विधायक वसुंधरा राजे पूर्व सांसद विजया राजे सिंधिया की बेटी है। बारां जिले की किशनगंज से भाजपा विधायक ललित मीणा पूर्व विधायक हेमराज मीणा के पुत्र हैं। कोटा की लाडपुरा से भाजपा विधायक कल्पना देवी कोटा के पूर्व सांसद इज्यराज सिंह की पत्नी है।