पोलटॉक नेटवर्क | नई दिल्ली
राजग (एनडीए) ने उपराष्ट्रपति पद (Vice Presidential Election) के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन (CP Radhakrishnan) के नाम पर मुहर लगी है। तमिलनाडु के रहने वाले सीपी राधाकृष्णन भाजपा के मजबूत नेता रहे है। कोयंबटूर लोकसभा सीट से दो बार भाजपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव जीते थे। तमिलनाडु के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भी रहे और झारखण्ड के राज्यपाल का भी पद संभाला था। देश में अभी तक कुल 14 उपराष्ट्रपति हुए हैं। जिनमें से सात तो दक्षिण भारत के हैं। आंध्र प्रदेश , कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल से अभी तक कुल छह उपराष्ट्रपति रह चुके हैं। उपराष्ट्रपति पद पर दक्षिण भारत के इन राज्यों का बना दबदबा बना हुआ है। पढ़िए ये रिपोर्ट।
दक्षिण भारत से उपराष्ट्रपति बनने वालों की लिस्ट
- तमिलनाडु के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के साल 1952 से 1962 तक उपराष्ट्रपति रहे हैं। उन्हें भारत का पहला उपराष्ट्रपति बनने का सम्मान मिला। बाद में वे भारत के दूसरे राष्ट्रपति भी बने।
- आंध्र प्रदेश के ज़ाकिर हुसैन भारत के उपराष्ट्रपति पद पर 13 मई 1962 से 13 मई 1967 तक काम किया। उपराष्ट्रपति पद पर आने से पहले वो बिहार के राज्यपाल रहे।
- कर्नाटक के बी.डी. जट्टी भारत के उपराष्ट्र्पति का पद 31 अगस्त 1974 से 31 अगस्त 1979 तक संभाला। वो उड़ीसा के राज्यपाल रहे और मैसूर राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे।
- तमिलनाडु के रामास्वामी वेंकटरमन भारत के उपराष्ट्रपति पद पर 31 अगस्त 1984 से 24 जुलाई 1987 तक काम किया। केंद्रीय रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री भी रहे थे।
- केरल के के.आर. नारायणन भारत के उपराष्ट्रपति पद पर 21 अगस्त 1992 से 24 जुलाई 1997 तक काम किया। बाद में राष्ट्रपति भी चुने गए थे।
- आंध्र प्रदेश के मुप्पावरपु वेंकैया नायडू ने भारत के उपराष्ट्रपति पद पर 11 अगस्त 2017 से 11 अगस्त 2022 तक काम किया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रहे हैं।
अब सातवें के लिए तमिलनाडु के सीपी राधाकृष्णन को NDA ने उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया है। जिनके जीतने की पूरी संभावना है।
चुनाव प्रक्रिया (Election Process)
- निर्वाचक मंडल (Electoral College)
उपराष्ट्रपति का चुनाव एक विशेष निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है, जिसमें शामिल होते हैं । लोकसभा: निर्वाचित और मनोनीत सदस्य, राज्यसभा: निर्वाचित और मनोनीत सदस्य।
- योग्यता (Eligibility)
उपराष्ट्रपति पद के लिए निम्नलिखित शर्तें जरूरी हैं।
भारत का नागरिक होना। न्यूनतम आयु: 35 वर्ष। राज्यसभा सदस्य के लिए योग्य होना। सरकारी लाभकारी पद (Office of Profit) पर नहीं होना चाहिए।
- नामांकन प्रक्रिया (Nomination)
उम्मीदवार को कम से कम 20 सांसद प्रस्तावक और 20 सांसद अनुमोदक द्वारा समर्थित होना आवश्यक है। ज़मानत राशि: ₹15,000 (एक ही ज़मानत सभी नामांकन पत्रों के लिए पर्याप्त है।
- मतदान और मतगणना (Voting & Count)
गुप्त मत (Secret Ballot) और एकल संक्रमणीय मत पद्धति (Single Transferable Vote, STV) अपनाई जाती है। सांसद उम्मीदवारों को अपनी पसंद अनुसार क्रम से नंबर देते हैं: 1, 2, 3…विजेता वही होता है जिसे (कुल वैध मतों ÷ 2) + 1 की कोटा प्राप्त हो जाए। यदि पहले दौर में कोई कोटा न पा सके, तो सबसे कम वोट पाने वाले का नामांकन रद्द कर दिया जाता है और उसके मत अगले पसंदीदा उम्मीदवारों में ट्रांसफर होते हैं। यह प्रक्रिया तब तक चलती है जब तक कोई उम्मीदवार कोटा प्राप्त न कर ले।
मतदान अधिकारी और घोषणा
चुनाव आयोग, जिसे वह “पर्यवेक्षक” के रूप में देखता है, एक Returning Officer नियुक्त करता है, जो आमतौर पर संसद सचिवालयों का महासचिव होता है (परंपरागत रूप से लोकसभा या राज्यसभा महासचिव)। परिणाम घोषित होने के बाद उन्हें केंद्र सरकार एवं निर्वाचन आयोग को सूचित किया जाता है, और भारत सरकार द्वारा राजपत्र में प्रकाशित किया जाता है।
पद रिक्त होने पर चुनाव कब होगा ?
अगर उपराष्ट्रपति ( Vice Presidential Election ) का पद त्याग, मृत्यु या किसी कारण से रिक्त हो जाए, तो संविधान के अनुच्छेद 63(2) के अनुसार, चुनाव “जितना जल्दी संभव हो सके” कराना चाहिए। चुनाव आयोग ने यह प्रक्रिया शुरू कर दी है, चुनाव 60 दिनों के भीतर कराना अनिवार्य है।