संतोष कुमार पांडेय। जयपुर
राजस्थान SI भर्ती परीक्षा 2021 को राजस्थान हॉइकोर्ट ने रद्द (Rajasthan SI BHARATI EXAM 2021) कर दिया है। इसके कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। दरअसल, इस परीक्षा को रद्द करने के लिए कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, सांसद हनुमान बेनीवाल ने लगातार आंदोलन किया था। उन्होंने युवाओं को न्याय दिलाने की बात कही थी। अब इस परीक्षा के रद्द होने से कई समीकरण बनेगे और बिगड़ेंगे। इन दोनों नेताओ की अब राजनीति में बड़ा बदलाव आएगा।
क्योंकि, किरोड़ी लाल मीणा और हनुमान बेनीवाल की चाल थोड़ी स्लो हो गई थी। युवा इनके साथ थे लेकिन खुलकर नहीं थे। अब बहुत जोश दिखाई देने वाला है। इसके साथ ही अन्य विवादित भर्ती परीक्षाओं पर भी इनका दबाव बढ़ेगा। ये ख़ास रिपोर्ट सिर्फ पोल टॉक पर।
क्या था मामला
राजस्थान में SI भर्ती परीक्षा (Rajasthan SI BHARATI EXAM 2021) ने कई 859 पदों की उम्मीद जगाई थी, लेकिन तभी पेपर लीक और मिलीभगत के आरोपों ने इस उम्मीद को संकट में डाल दिया। जांच एजेंसियों ने पुलिस प्रशिक्षुओं और RPSC से जुड़े कुछ लोगों को गिरफ्तार किया। भर्ती प्रक्रिया में पेपर लीक और पद्धतिगत मिलीभगत के आरोप थे, जिससे इस परीक्षा की निष्पक्षता पर गहरा सवाल उठा।
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इससे जुड़ी जांच काफी समय से जारी थी। इस मामले ने राजनीतिक तापमान भी बढ़ा दिया। RLP के नेता हनुमान बेनीवाल ने युवा रैलियों और विरोध प्रदर्शन के माध्यम से भर्ती रद्द करने की मांग की। उन्होंने यह चेतावनी भी दी थी कि यदि इस पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वह दिल्ली मार्च जैसी बड़ी कार्रवाई करेंगे।
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राजनीतिक दबाव सरकार और सिस्टम पर ?
सरकार ने शुरू में भर्ती रद्द करने से साफ इंकार किया था, यह तर्क देते हुए कि केवल दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, पूरे प्रक्रिया को निरस्त नहीं किया जाना चाहिए। कैबिनेट मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा का बयान आया है कि हम एसआई भर्ती परीक्षा (Rajasthan SI BHARATI EXAM 2021) में हुई धांधली को लेकर हमेशा रद्द करने के पक्ष में रहे है। इस भर्ती परीक्षा की धांधली को उजागर भी किया है। किरोड़ी लाल मीणा और हनुमान बेनीवाल का सरकार और सिस्टम पर दबाव बन रहा था। इसलिए सरकार भी दबाव में थी।
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