Maharao Shekha : महाराव शेखा सर्किल पर जल्द स्थापित होगी ‘अश्वारूढ़’ प्रतिमा…

Publish On:October 3, 2025
Maharao Shekha

पोलटॉक नेटवर्क। जयपुर

विजयदशमी और महाराव शेखा (Maharao Shekha ) की जयंती के पावन अवसर पर जयपुर के चोमू पुलिया स्थित महाराव शेखा सर्किल पर ‘जय राजपूताना संघ’ (, jai rajputana sangh) ने दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर संघ के संस्थापक भंवर सिंह रेटा ने कहा कि महाराव शेखा नारी अस्मिता के रक्षक, गोरक्षा के प्रतीक, सामाजिक सद्भाव और सामूहिकता के जनक तथा शेखावत खाप के संस्थापक माने जाते हैं।

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उन्होंने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार शीघ्र ही उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित करे। संघ ने संकल्प लिया है कि यदि सरकार विलंब करती है तो जय राजपूताना संघ स्वयं जन-जागरण अभियान चलाकर महाराव शेखा सर्किल पर अश्वारूढ़ प्रतिमा स्थापित करवा कर रहेगा।

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प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे

राजपूत विकास मंच की तरफ से बजरंग सिंह ने कहा कि दीपदान कर यह संदेश दिया कि महाराव शेखा जी की स्मृति को हमेशा जीवित रखा जाएगा और उनके आदर्श समाज में प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।

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कौन थे महाराव शेखा ?

महाराव शेखा एक प्रमुख राजपूत शासक थे, जिन्हें शेखावत वंश के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। उनका जन्म 1433 ई. में हुआ था और वे राव मोकलजी के पुत्र थे, जो आमेर (जयपुर) के कछवाहा वंश के शासक थे। महाराव शेखा ने शेखावाटी क्षेत्र की स्थापना की, जो वर्तमान में राजस्थान के झुंझुनूं, सीकर और चूरू जिलों के बड़े हिस्से को सम्मिलित करता है।

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प्रश्न 1: महाराव शेखा कौन थे?

उत्तर: महाराव शेखा 15वीं शताब्दी के महान राजपूत शासक थे, जो शेखावत वंश के संस्थापक माने जाते हैं। उन्होंने शेखावाटी क्षेत्र की स्थापना की और अपने शौर्य, सामाजिक समरसता और गौरक्षा के लिए प्रसिद्ध थे।

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प्रश्न 2: दीपदान कार्यक्रम का आयोजन किसने किया और क्यों?

उत्तर: जयपुर के चोमू पुलिया स्थित महाराव शेखा सर्किल पर ‘जय राजपूताना संघ’ ने विजयदशमी एवं महाराव शेखा जयंती के पावन अवसर पर दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य महाराव शेखा के योगदान को जन-जन तक पहुँचाना और उनकी स्मृति में एक भव्य प्रतिमा की स्थापना की माँग को बल देना था।

प्रश्न 3: भंवर सिंह रेटा ने क्या संदेश दिया?

उत्तर: संघ के संस्थापक भंवर सिंह रेटा ने कहा कि महाराव शेखा “नारी अस्मिता के रक्षक, गोरक्षा के प्रतीक, सामाजिक सद्भाव और सामूहिकता के जनक तथा शेखावत खाप के संस्थापक” थे। उन्होंने सरकार से शीघ्र उनकी प्रतिमा स्थापित करने की माँग की।

प्रश्न 4: अगर सरकार प्रतिमा स्थापना में देरी करती है तो क्या कदम उठाए जाएंगे?

उत्तर: जय राजपूताना संघ ने संकल्प लिया है कि यदि सरकार विलंब करती है, तो वे स्वयं जन-जागरण अभियान चलाकर महाराव शेखा की अश्वारूढ़ प्रतिमा उसी सर्किल पर स्थापित करेंगे।

प्रश्न 5: महाराव शेखा की विरासत का आज के समाज में क्या महत्व है?

उत्तर: महाराव शेखा की विरासत समाज को नारी सम्मान, गौसंरक्षण, सामाजिक एकता और वीरता का संदेश देती है। वे युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और उनका स्मरण करना सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है।