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LOCKDOWN : नहीं बजेगी शहनाई और मैरिज हाल रह जाएंगे उदास, अरबों रूपये का नुकसान, लाखों परिवारों पर आर्थिक संकट


पूरे देश में लॉकडाउन है. इसके चलते कई सारी नई परेशानी सामने आ रही है. दरअसल, लोगों को उम्मीद थी की 15 अप्रैल से लॉकडाउन खुल जाएगा. और जन जीवन सामान्य हो जायेगा. सारे क्रियाकलाप पहले की तरह ही होने लगेंगे. मगर, अब उम्मीद पर पानी फिर गया है. न तो शहनाई बजेगी और न ही मैरिज हाल में उल्लास दिखेगी. 5 अप्रैल से 15 मई तक का शादी-विवाह का लग्न चलता है. जिसको लेकर लोग उत्साहित रहते हैं. बड़े स्तर पर मार्किट में पैसा आता है. इससे बड़े स्तर पर जुड़ें लोग इस बार पूरी तरह से प्रभावित हो चुके हैं. पढ़िए पोलटॉक की ये ख़ास रिपोर्ट.

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मैरिज हाल पर बड़ा असर, बड़ी का असर

सभी शहरों में बड़ी संख्या में मरीज हाल खुले हैं. जहां पर शादियों के दिनों में बड़ी संख्या में भीड़ होती है. एक अनुमान के मुताबिक़ पूरे देश में कम से कम 25 लाख मैरिज हाल हैं. जहां पर शादी और जन्मदिन पार्टी मनाई जाती रही है. वहां से लाखों लोगों का सीधा जुड़ाव रहता है. एक मैरिजहाल संचालक ने बताया कि 5 अप्रैल से लग्न शुरू है. लेकिन 14 अप्रैल तक कई शादी टल गई है. और अभी आगे भी कोई उम्मीद नहीं है. जो लोग हमेशा मरीज हाल में काम करते हैं उन्हें रखना और खिलाना भी पड़ रहा है और काम ठप्प हो गया है. वहीँ कुछ लोग ऐसे भी है जो अप्रैल और मई की शादी के डेट ताल रहे हैं. वो ठण्ड के महीने में करने की बात कह रहे हैं. लेकिन वो वहीँ ग्राहक हुए जो अभी के हैं. इसका मतलब ये 50 दिन पुरे बर्बाद हो जायेगा. एक छोटे से भी मैरिज हाल वाले को कम से कम लाखों का नुकसान होगा.

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सब्जी, मिठाई, हलवाई, टेंट, गाडी वाले बुरी तरह प्रभावित

शादी विवाह के दिनों में जैसे अप्रैल से जून तक सब्जी वाला, मिठाई वाला, हलवाई, टेंट, गाड़ी वाले बुरी तरह से हुए प्रभावित. इनका व्यवसाय पूरी तरह से शादी के दिनों में चलता है. ज्यादातर ये ग्रामीण इलाके में रहते हैं. मगर इस बार इनका व्यवसाय प्रभावित् हुआ है. ये हमेशा बढ़िया कमाई कर लेते थे. जिससे इनका जीवन और परिवार खर्च चल जाता था. मगर अब ये पूरी तरह से बंद है. और इनकी उमीदों पर पानी फिर गया है.

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शादी कराने वालों को भी नुकसान 

हिन्दुओं की शादी कराने वाले पंडितों, मुस्लिमों में निकाह कराने वाले मौलवियों आदि के भी जीवन पर बड़ा असर पडेगा. चूँकि, मदिंर , मस्जिद, चर्च, गुरूद्वारे बंद हैं इसलिए वहां भी शादी नहीं हो सकती है. और मैरिज हाल भी बंद है.

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इन सभी हालात को देखने के बाद यह कहा जा सकता है कि लाखों परिवारों के जीवन पर आर्थिक संकट आ चुका है. जिन्हें अब अब सरकार से ही कुछ उम्मीद है. मगर वो भी अभी दिखाई नहीं दे रहा है. यह भारत का एक महत्वपूर्ण सेक्टर है. जो बस इन्ही महीनों में चलता है.


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पोल टॉक और PollTalk.In के सम्पादक संतोष कुमार पांडेय देश के कई शहरों में पत्रकारिता कर चुके हैं। ये शहर जो कार्यस्थल बने वाराणसी , लखनऊ, आगरा, देहरादून, नोएडा, जयपुर, बिहार, हैदराबाद, पानीपत, सतना में रहे हैं। इन संस्थानों में दी सेवाएं राजस्थान पत्रिका , दैनिक भास्कर, एग्रो भास्कर, हिन्दुस्थान, जनसन्देश न्यूज़ चैनल, जनसन्देश टाइम्स, ईटीवी भारत में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किये. राजनीति की सही जानकारी और कुछ रोचक इन्टरव्यू दिखाना प्राथमिकता है।

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